मध्य प्रदेश की 27 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को फतह करने के लिए कांग्रेस और बीजेपी की नजर युवा मतदाताओं पर है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का प्रदेश के ही युवाओं को सरकारी नौकरी में मौका देने का ऐलान कर यूथ वोटरों का साधने का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है. वहीं, कमलनाथ ने भी युवा संवाद के जरिए प्रदेश के युवाओं को साधने की कवायद की है. कमलनाथ ने भी युवाओं के लिए अपना प्लान बताकर ये जताया कि कांग्रेस ही युवाओं के बारे में सोचती है और उनका भला करती है. उनकी सरकार युवाओं को रोजगार देगी.
एमपी में युवा मतदाता
प्रदेश में 20 से 29 की उम्र के 27.38 फीसदी, 30 से 39 की उम्र के 25.58 फीसदी वोटर हैं. 5.34 करोड़ वोटर में से 2.75 करोड़ से ज्यादा वोटर युवा हैं. सबसे अहम बात है यह है कि प्रदेश में 27 विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में भी निर्णायक भूमिका में युवा वोटर ही हैं और यही कारण है कि बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही यूथ वोटर्स पर फोकस कर रहे हैं.
शिवराज ने खेला बड़ा दांव
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान कहा है, 'मेरे प्रिय प्रदेशवासियों, अपने भांजे-भांजियों के हित को ध्यान में रखते हुए हमने निर्णय लिया है कि मध्यप्रदेश में शासकीय नौकरियां अब सिर्फ मध्यप्रदेश के बच्चों को ही दी जाएंगी. इसके लिए आवश्यक कानूनी प्रावधान किया जा रहा है. प्रदेश के संसाधनों पर प्रदेश के बच्चों का अधिकार है.'
बीजेपी के इस दांव के जवाब में कांग्रेस की ओर से कमलनाथ ने मोर्चा संभाला. कमलनाथ ने पूर्व पीएम राजीव गांधी की जयंती पर युवा संवाद किया. इस दौरान उन्होंने प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को उठाया. कमलनाथ ने कहा प्रदेश की छवि बिकाऊ राज्य में तब्दील हो गई है. सौदेबाजी की राजनीति से प्रदेश की छवि धूमिल हुई है. उन्होंने सच का साथ देने के लिए युवाओं से आगे आने की अपील की.
युवाओं को अधिकार
कमलनाथ ने कहा 18 साल के युवाओं को वोटिंग का अधिकार देने की पहल राजीव गांधी ने की थी. कंप्यूटर क्रांति के जनक भी राजीव गांधी थे. विरोधी उनका मजाक उड़ाते थे. विरोध में आंदोलन तक हुए, लेकिन युवा सोच में अब अंतर आ गया है. कमलनाथ ने अफसोस जताते हुए कहा 15 साल पहले भविष्य का इंतजार कर रहे युवा अब ओवर एज हो गए हैं. बीते 15 साल में प्रदेश पिछड़ गया. उनके लिए कोई रोज़गार और योजना नहीं होने से हताशा बढ़ी है.
युवाओं साधने का कांग्रेस का प्लान
कमलनाथ ने युवाओं से संवाद के दौरान अपना दर्द भी बांटा. कमलनाथ ने कहा प्रदेश की जनता ने 5 साल के लिए कांग्रेस को जनादेश दिया था. 15 महीने के कार्यकाल में सरकार ने कई बड़े फैसले किए और नयी कार्य प्रणाली को विकसित किया. प्रदेश की तस्वीर बदलने की कोशिश की गयी. निवेश के लिए विश्वास जगाया गया. उद्योग नियम सरल किए गए. 70 फीसदी स्थानीय रोजगार देने का प्रावधान किया गया. हार्टिकल्चर राजधानी बनाने की कोशिश की गई. फूड प्रोसेसिंग में निवेश को प्रोत्साहित किया गया. शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चलाया.
कमलनाथ ने आरोप लगाया कि माफिया को बीजेपी का संरक्षण है. साथ ही कहा प्रदेश की बिकाऊ राज्य की छवि बन गयी है. केंद्र सरकार की युवाओं के लिए आत्मनिर्भर योजना पर भी सवाल उठाते हुए कहा प्रदेश के किसी युवा को आत्मनिर्भर योजना से फायदा नहीं मिला. बीजेपी घोषणाओं की राजनीति करती है और उससे ज्यादा कुछ नहीं. बीते 15 साल में प्रदेश पिछड़ गया है. युवाओं का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. व्यापम से नौकरियां बेच दी गई हैं.
कमलनाथ ने युवाओं से बीजेपी के 15 साल बनाम उनकी सरकार के 15 महीने के काम की तुलना करने की अपील की. साथ ही इस बात का भी जिक्र किया कि अब लड़ाई लड़नी होगी. उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा और लोकतंत्र पर मंडराते संकट को दूर करने के लिए युवाओं को आगे आना होगा. कमलनाथ ने युवाओं से सच्चाई का साथ देने की अपील की.