मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दलों की तैयारियों जोरों पर हैं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जनआशीर्वाद यात्रा के जरिये एक तरह से चुनाव प्रचार कर रहे हैं. वहीं कांग्रेस भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को राज्य में चौका लगाने से रोकने के लिए जोरदार फील्डिंग कर रही है.
मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में आने वाली शाहपुर विधानसभा सीट को लेकर भी जोड़तोड़ शुरू हो गई है. मंडला संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाली यह सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है. इस सीट पर अभी भाजपा का कब्जा है और यहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की कैबिनेट में खाद्य, नागरिक, आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री ओम प्रकाश धुर्वे विधायक हैं. उन्होंने 2013 के विधानसभा चुनावों में 76796 वोट पाकर कांग्रेस की गंगा बाई को शिकस्त दी थी. इस चुनाव में गंगा बाई को 44,115 वोटों से संतोष करना पड़ा था जबकि 2008 के विधानसभा चुनाव में वह जीत हासिल करने में सफल रही थीं. गंगा बाई ने 2008 के चुनावों में 51,435 वोटों पाकर भाजपा के चैन सिंह को हराया था. चैन सिंह को महज 31,500 वोटों से ही संतोष करना पड़ा था.
बहरहाल बता दें कि 13 मई 1964 मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले के रुसा गांव में जन्मे ओम प्रकाश धुर्वे 30 जून, 2016 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्री परिषद् में में शामिल हुए थे. ओम प्रकाश धुर्वे अपनी जुबान फिसलने को लेकर बदनाम रहे हैं. अभी हाल ही वह कांग्रेस की आलोचना करते करते अपशब्द तक कह गए थे. अब देखना होगा कि आगामी चुनावों में वह अपनी सीट को बचाने में कितना सफल हो पाते हैं.
राज्य विधानसभा की सूरत
मध्य प्रदेश विधानसभा की 230 सीटों के लिए इसी साल नवंबर-दिसंबर में चुनाव होने हैं. 230 में से 35 अनुसूचित जाति जबकि 47 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं. 148 गैर-आरक्षित सीटें हैं. 2013 में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी 165 सीटों पर जीत हासिल कर सरकार बनाई थी जबकि कांग्रेस को 58 सीटों से संतोष करना पड़ा था. वहीं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने 4 जबकि 3 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी.
निर्वाचन आयोग के मुताबिक 2013 में मध्य प्रदेश में कुल 4,66,36,788 मतदाता थे जिनमें महिला मतदाताओं की संख्या 22064402 और पुरुष मतदाताओं की संख्या 24571298 और अन्य वोटर्स 1088 थे. 2013 में 72.07 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था.