मध्य प्रदेश में बीजेपी कार्यालय के मेन गेट पर पानी की एक टंकी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है. पानी की यह टंकी बीजेपी कार्यालय के एक खास हिस्से में बनाई गई है, जहां 2003 में पहली बार अंतर्कलह को खत्म करने के लिए उमा भारती ने टंकी बनवाई थी. अब टिकटों की घोषणा के बाद पार्टी में उठ रहे विरोध की आवाज को बीजेपी वास्तु की मदद से दूर करने की कोशिश कर रही है.
वास्तुविद मानते हैं कि बीजेपी कार्यालय के इस हिस्से में बनी पानी की टंकी बीजेपी में अंतर्कलह को खत्म कर सकती है. वास्तुविद आचार्य राजेश बताते हैं कि बीजेपी कार्यालय के ईशान कोण में पानी की टंकी बनाई गई है, जिससे परिवार का मनमुटाव दूर होता है और अंतर्कलह खत्म होती है. आचार्य राजेश ने बताया, 'साल 1998 में बीजेपी अंतर्कलह के कारण ही चुनाव हार गई थी. उस वक्त पार्टी में पटवा गुट-विक्रम वर्मा गुट हावी थे. गुटों की अंतर्कलह के कारण बीजेपी को हार मिली थी, लेकिन साल 2003 में चुनाव से पहले उमा भारती ने कार्यालय के इस हिस्से में पानी की टंकी बनवाई ताकि चुनाव में अंतर्कलह हावी न हो और बीजेपी ने चुनाव जीत लिया.' बीजेपी यही टोटका इस बार भी अपना रही है.
बीजेपी सांसद आलोक संजर का कहना है, 'ये धर्म आधारित चीजें हैं और मैं हमेशा से धर्म आधारित बात करता हूं और इस बात को स्वीकार करता हूं कि मन को अच्छा लग रहा है तो उसे करने में क्या आपत्ति है. वास्तु को लोग मानते हैं और जो मन को अच्छा लगे वो करना चाहिए उसका मैं पक्षधर हूं.'
कांग्रेस दफ्तर में 'नींबू मिर्च'
सिर्फ बीजेपी ही नहीं, बल्कि कांग्रेस भी टोटके अपनाने में पीछे नहीं है. कांग्रेस कार्यालय के मेन गेट पर नींबू मिर्च का टोटका इस्तेमाल किया जा रहा है. कांग्रेस प्रवक्ता शोभा ओजा का कहना है कि इससे पार्टी को नजर नहीं लगेगी. मध्यप्रदेश में 15 साल से सत्तासुख देख रही बीजेपी हो या 15 सालों का वनवास झेल रही कांग्रेस, दोनों ही राजनीतिक दल अपनी अपनी बलाओं को टालने के लिए टोटकों का इस्तेमाल कर रहे हैं.