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मध्य प्रदेश के उम्मीदवारों को सोशल मीडिया का सहारा, जीत के लिए जुटा रहे फॉलोअर्स

दिन भर जनसंपर्क करने के बाद रात में सोशल मीडिया पर एक्टिव हो जाते हैं उम्मीदवार. फॉलोवर्स के सहारे चुनाव जीतने की बना रहे रणनीति.

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प्रतीकात्मक तस्वीर (आजतक आर्काइव)
प्रतीकात्मक तस्वीर (आजतक आर्काइव)

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सोशल मीडिया मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में कई नेताओं की चुनावी नैया पार कराने का औजार बन गया है. यही वजह है कि बीजेपी विधायक टिकट मिलने की आस के साथ साथ सोशल मीडिया पर अपने फॉलोअर बढ़ाने में जुटे हुए हैं.

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के दिन जैसे जैसे नजदीक आ रहे हैं, सोशल नेटवर्किंग साइट पर नेताओं ने अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है. नेताओं ने ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने की कोशिश शुरू कर दी है. हालात ये है कि दिन भर जनसंपर्क के बाद नेता सोशल मीडिया पर भी ज्यादा से ज्यादा वक्त देने को कोशिश कर रहे हैं. भोपाल के हुजूर से विधायक रामेश्वर शर्मा का खुद का वेरीफाइड ट्विटर अकाउंट है जिस पर वो काफी एक्टिव भी रहते हैं. रामेश्वर के ट्विटर पर 22 हजार के करीब फॉलोअर हैं.

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रामेश्वर के मुताबिक उनकी विधानसभा का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण इलाकों का है और इसलिए वो अभी तक अपने फॉलोअर्स की संख्या से संतुष्ट थे. आगामी चुनावों में युवाओं की भागीदारी को देखते हुए उन्होंने ट्विटर अकाउंट के लिंक को वॉट्सऐप ग्रुप पर भेजना शुरू किया है ताकि फॉलोअर बढ़ाए जा सकें. भोपाल मध्य विधानसभा सीट से विधायक सुरेंद्र नाथ के मुताबिक, विधानसभा चुनाव के लिए अलग-अलग कुल 10 वॉट्सऐप ग्रुप बनाए गए हैं जिसके जरिए आम जनता और कार्यकर्ताओं से संपर्क साधा जा रहा है.

उधर कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी धरातल पर तो जीत नहीं रही और जनता के साथ साथ उसके कार्यकर्ता भी पार्टी छोड़ रहे हैं, इसलिए बीजेपी इंटरनेट की दुनिया में फॉलोअर ढूंढ रही है. मध्यप्रदेश में एक अनुमान के मुताबिक 2 करोड़ से ज्यादा सोशल मीडिया यूजर्स हैं जो कि मामूली आंकड़ा नहीं है. इंटरनेट के इस युग में नेताओं को बखूबी पता है कि चुनाव जीतना है तो बूथ के साथ साथ ऑनलाइन प्रचार भी करना होगा.

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