पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, न शिवराज और न जनता, अब तो आप के ही लोग आपको आईना दिखा रहे हैं. शिवराज ने कहा कि आपके ही नेता बता रहे हैं कि कर्जमाफी नहीं हुई कमलनाथ जी! क्या अब भी आपकी सरकार नहीं जागेगी? शिवराज सिंह ने कहा कि किसानों की आंखों के आंसू सूख गए लेकिन उनके बैंक खातों में पैसे नहीं आए. लाज-शर्म बची हो तो कर्जमाफी पर जल्द से जल्द फैसला लीजिए.
न शिवराज और न जनता, अब तो आप के ही लोग आपको आईना दिखा रहे हैं और बता रहे हैं कि कर्ज़माफ़ी नहीं हुई कमलनाथ जी!
क्या अब भी आपकी सरकार नहीं जागेगी? किसानों की आँखों के आँसू सूख गए लेकिन उनके बैंक खातों में पैसे नहीं आए!
लाज-शर्म बची हो तो कर्ज़माफ़ी पर जल्द से जल्द फैसला लीजिये! https://t.co/96zDS5i1ur
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) October 11, 2019
कांग्रेस ने किसानों से किया झूठा वादा
वहीं पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी सिंधिया के बयान के बाद कांग्रेस पर तंज कसते हुए सिंधिया को धन्यवाद कहा है. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि 'ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सरकार को आईना दिखाने का काम किया है. जो सरकार झूठ पर आधारित थी और झूठ बोलकर बनी थी, जिसने पहले दिन फाइल पर साइन करके किसान कर्ज माफी का भ्रम फैलाया था. जबकि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा था कि 10 दिन में किसान का कर्ज माफ नहीं होगा तो मुख्यमंत्री बदल देंगे. यानी साफ है कि राहुल गांधी ने किसानों से झूठ बोला था.
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि 'मैं पहले दिन से कह रहा हूं कि इन्होंने किसी एक का भी दो लाख का कर्ज़ माफ किया हो तो मैं दो लाख दूंगा. अब तो सिंधिया जी और लक्ष्मण सिंह ने कह दिया तो अब क्या कहेंगे? मिश्रा ने कहा कि जो लोग मेरे और शिवराज जी के निवास पर गट्ठर सिर पर बांधकर कर्जमाफी का सबूत लेकर घूम रहे थे क्या अब वो लोग सिंधिया के घर जाएंगे'?
कमलनाथ को पहले भी घेर चुके हैं सिंधिया
हालांकि ये कोई पहली बार नहीं है जब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार को कटघरे में खड़ा किया हो, इससे पहले हाल ही में बाढ़ पीड़ितों के मुआवजे के सर्वे पर सिंधिया ने असंतोष ज़ाहिर किया था और कहा था कि सर्वे ठीक से नहीं किया गया है, इसलिए दोबारा सर्वे किया जाए. वहीं ग्वालियर में भी सिंधिया ने कांग्रेस को पार्टी की हालिया स्थिति के लिए आत्मअवलोकन करने की हिदायत दी थी.