मध्यप्रदेश सरकार की कानून मंत्री कुसुम मेहदेले ने केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की बेटी को सुप्रीम कोर्ट में सरकारी अधिवक्ता की नियुक्ति को जायज ठहराया है.
उन्होंने कहा कि उनके सुषमा स्वराज के पति स्वराज कौशल और बेटी बांसुरी की नियुक्ति पिछली बीजेपी सरकार के समय हो गई थी. मंत्री ने कहा कि बांसुरी स्वराज योग्य है और उन्होंने लंदन से पढ़ाई की है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ललित मोदी के मुद्दा आने से नियुक्ति गलत हो गई ऐसा नहीं है.
सरकार ने सुषमा स्वराज के पति स्वराज कौशल की नियुक्ति सन 2009 और बेटी बांसुरी का आदेश फरवरी 2013 में निकाला था.
कुसुम मेहदेले ने कहा, 'बांसुरी स्वराज की नियुक्ति मेरे कार्यकाल में नहीं हुई है और अगर हुई है तो मुझसे पहले विधि मंत्री ने की है. बांसुरी सही नियुक्ति है, योग्य नियुक्ति है. उन्होंने इंग्लैंड में लॉ की पढ़ाई की है. नियुक्ति में कोई गलत नहीं है. आज ललित मोदी आ गया तो नियुक्ति गलत हो गई? बांसुरी पर विवाद हो गया और स्वराज पाल पर विवाद हो गया ये गलत है.'