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दिग्विजय से भिड़ने वाले वन मंत्री उमंग सिंघार बोले- टकराना जरूरी है...

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के अंदर मचा सियासी घमामान थमता नजर नहीं आ रहा है. वन मंत्री उमंग सिंघार ने एक बार फिर इशारों-इशारों में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा. उमंग सिंघार ने कहा, 'उसूलों पर जहां आंच आए टकराना जरूरी है. जो गर जिंदा हो तो फिर जिंदा नजर आना जरूरी है. सत्यमेव जयते.'

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वन मंत्री उमंग सिंघार (फोटो-@UmangSinghar)
वन मंत्री उमंग सिंघार (फोटो-@UmangSinghar)

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  • उमंग सिंघार में लिखा, 'जिंदा हो तो फिर जिंदा नजर आना जरूरी है. सत्यमेव जयते.'
  • दिग्विजय सिंह पर बोला हमला, आरोपों को सही बताते हुए लिखा है कि सच की जीत होती है.

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के अंदर मचा सियासी घमामान थमता नजर नहीं आ रहा है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह पर गम्भीर आरोप लगाने वाले कमलनाथ सरकार के मंत्री उमंग सिंघार का गुस्सा शायद अभी भी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है. वन मंत्री उमंग सिंघार ने एक बार फिर इशारों-इशारों में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा. गुरुवार को किए गए उनके ट्वीट से तो कम से कम यही लग रहा है. उमंग सिंघार ने कहा, 'उसूलों पर जहां आंच आए टकराना जरूरी है. जो गर जिंदा हो तो फिर जिंदा नजर आना जरूरी है. सत्यमेव जयते.'

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दरअसल गुरुवार को मंत्री उमंग सिंघार ने अपने तेवर बरकरार रखते हुए ट्वीट किया और वसीम बरेलवी की पंक्तियां इस्तेमाल करते हुए लिखा कि 'उसूलों पर जहां आंच आये टकराना जरूरी है. जो अगर जिंदा हो तो फिर जिंदा नजर आना जरूरी है. सत्यमेव जयते'. माना जा रहा है कि उमंग सिंघार ने इस ट्वीट के जरिए एक बार फिर से दिग्विजय सिंह पर हमला किया है और उनके ऊपर लगाए गए आरोपों को सही बताते हुए लिखा है कि सच की जीत होती है.

बता दें कि इससे पहले मंत्री उमंग सिंघार को सीएम कमलनाथ ने तलब किया था. सीएम कमलनाथ से मिलने के बाद उमंग सिंघार ने पत्रकारों से कहा था कि उन्होंने अपनी सभी बातें पार्टी फोरम में भी रख दी हैं जो आरोप उन्होंने दिग्विजय सिंह पर लगाए थे उन पर वह अभी भी कायम है.

सिंधिया ने किया था समर्थन

इससे पहले उमंग सिंघार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का भी समर्थन मिल चुका है. सिंधिया ने ग्वालियर में बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा की सरकार को अपने दम पर चलना चाहिए और उसमें किसी को भी हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. सिंधिया ने कहा था कि मुख्यमंत्री कमलनाथ को दोनों पक्षों की बातों को सुनना चाहिए वहीं उमंग सिंघार के आरोपों की जांच होनी चाहिए.

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