मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ अब सदन में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में नजर आएंगे. प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव को इस संबंध में पत्र भेज दिया गया है. शिवराज सरकार बनने के बाद करीब 5 महीने से नेता प्रतिपक्ष का पद खाली था. कमलनाथ कांग्रेस विधायक दल के नेता के तौर पर नेता प्रतिपक्ष का दायित्व मध्यप्रदेश विधानसभा में संभालेंगे.
इसके अलावा मध्यप्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष पद भी फिलहाल कमलनाथ के ही पास है. बता दें कि कमलनाथ ने 20 मार्च को मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दिया था जिसके बाद 23 मार्च को शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. इसके बाद से नेता प्रतिपक्ष का पद विधानसभा में खाली था.
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कमलनाथ ने साधा सीएम शिवराज सिंह पर निशाना
वहीं दूसरी ओर कमलनाथ लगातार शिवराज सरकार को घेरने की कोशिश में लगे रहते हैं. बता दें कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकारी नौकरियों में स्थानीय नागरिकों को आरक्षण देने का ऐलान किया था. इस पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था कि यह आगामी उपचुनावों को देखते हुए मात्र चुनावी घोषणा बन कर ना रह जाए, इस बात का ध्यान रखा जाए अन्यथा कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी.
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पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा था, 'हमने युवा स्वाभिमान योजना लागू कर युवाओं को रोजगार मिले, इसके लिये कई महत्वपूर्ण निर्णय किए. आपकी 15 साल की सरकार में प्रदेश में बेरोजगारी की क्या स्थिति रही, यह किसी से छिपी नहीं. युवा हाथों में डिग्री लेकर नौकरी के लिए दर-दर भटकते रहे.'