मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) सोमवार को नेमावर (Nemawar) पहुंचे. यहां उन्होंने आदिवासी परिवार के साथ घटित जघन्य हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाए व्यक्त कीं. उन्होंने पीड़ित परिवार से इस घटना की जानकारी ली.
मुलाकात के बाद 'आजतक' से बात करते हुए कमलनाथ ने आरोप लगाया कि 'पीड़ित परिवार ने उन्हें बताया कि किस प्रकार पुलिस ने इस हत्याकांड पर शुरुआत में लापरवाही की. आरोपी खुलेआम घूमते रहे ,उन्हें पकड़ा तक नहीं और ना ही उनसे पूछताछ की. कमलनाथ ने कहा कि इस पूरे मामले की सीबीआई जांच (CBI Probe) होना चाहिए ताकि आरोपियों को मिले राजनीतिक संरक्षण का खुलासा हो सके.
उन्होंने आगे कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच की जाए जिससे की यह सामने आ सके कि किस प्रकार की लापरवाही इस जघन्य हत्याकांड को लेकर बरती गई और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके. इसके अलावा कांग्रेस की तरफ से मृतकों के परिजनों को 5 लाख (5 Lakh) रुपये कांग्रेस (Congress) की तरफ से देने की घोषणा की है.
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बता दें कि मध्यप्रदेश के देवास जिले के अंतिम छोर पर स्थित नेमावर में एक खेत से पुलिस ने मंगलवार 29 जून की शाम खुदाई कर पांच शव बरामद किए थे. यह सभी लोग 13 मई से लापता थे. पुलिस लगातार सभी पांच लोगों (1 महिला, 3 युवती और 1 युवक) को लगातार तलाश कर रही थी. मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बारीकी से जांच पड़ताल की और आखिरकार आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और फिर उनकी निशानदेही पर खेत में बने 10 फीट गहरे गड्ढे से पांचों शव बरामद किए थे.
पुलिस के मुताबिक इस हत्याकांड की वजह मृतका रुपाली का एक इंस्टाग्राम (Instagram) पोस्ट है. दरअसल रुपाली और प्रमुख आरोपी सुरेंद्र के बीच लंबे समय से प्रेम प्रसंग (Love Affair) चल रहा था. लेकिन जब सुरेंद्र की शादी किसी और लड़की से तय हो गई तो रुपाली उससे नाराज़ हो गई. उसने सुरेंद्र की मंगेतर की फोटो इंस्टाग्राम पर डाल दी जो इलाके में वायरल हो गई. आरोपी सुरेन्द्र को यह पता चला तो वो गुस्से से भर गया और उसने रुपाली को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया और एक एक करके उसने रुपाली समेत उसके परिवार के पांच लोगों को मार डाला.