मध्य प्रदेश के भोपाल में 24 घंटे के दौरान कोरोना के 16 नए पॉजिटिव केस आए हैं. इस बात से चिंतित मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रालय में इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है. मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को तुरंत सक्रिय होकर सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए. बता दें कि भोपाल में बीते 12 दिनों 60 से अधिक कोरोना केस सामने आ चुके हैं. इन मामलों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इन सभी 16 केस को आइसोलेट करते हुए इनके परिवार की कोरोना जांच कराएं, कॉन्ट्रेक्ट ट्रेसिंग भी कराई जाए. मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि एक क्षण भी लापरवाही नहीं की जाए. कोरोना टेस्ट की संख्या भी तत्काल बढ़ाई जानी चाहिए.
संदिग्धों को तुरंत किया जाए आइसोलेट, सोशल डिस्टेंसिंग भी जरूरी
शिवराज सिंह ने कहा कि संदिग्धों को तुरंत आइसोलेट करें. जरूरत होने पर छोटे कंटेनमेंट जोन बनाएं. वहीं इसके अलावा मास्क लगाए जाने पर गंभीरता बरती जाए. सोशल डिस्टेंसिंग का भी विशेष रूप से ध्यान रखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि भोपाल एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर कोरोना जांच शुरू कराई जाए.
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कोरोना के खतरे के बीच भोपाल में काटजू अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों को चयनित करके रखा जाए. अस्पतालों में कोरोना से संबंधित सभी आवश्यक मशीन और उपकरण को एक बार चेक करा लें. उन्होंने कहा कि एक पूरी कार्ययोजना तैयार कर पूरा प्रशासन अलर्ट पर रहे. उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक करने के लिए वे स्वयं निकलेंगे.
इससे पहले डेल्टा प्लस वैरिएंट भोपाल की एक महिला में पाया गया था, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन के साथ—साथ प्रशासन के भी कान खड़े हो गए थे. कोविड-19 के म्यूटेशन और वैरिएंट की मौजूदगी जानने के लिए मध्यप्रदेश में जीनोम सिक्वेंसिंग की जा रही है.