कोरोना वायरस के संकट के बीच देश के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में चुनाव होने वाले हैं. वहीं मध्य प्रदेश में होने वाले उपचुनाव से पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया है.
चुनाव के कारण देश के कई हिस्सों में चुनावी रैलियां की जा रही है. इस बीच कोरोना संबंधी प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं. वहीं अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर पीठ ने 5 अक्टूबर को चुनावी रैलियों के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल के कथित उल्लंघन करने के कारण केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है.
मंगलवार को न्यायमूर्ति शील नागू और न्यायमूर्ति राजीव कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने अधिवक्ता आशीष प्रताप सिंह के जरिए कोरोना प्रोटोकॉल के कथित उल्लंघन को लेकर दायर एक याचिका पर अंतरिम आदेश पारित किया. आदेश पारित करते हुए ग्वालियर में चुनावी अभियान के दौरान ग्वालियर और दतिया के जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया कि वे दोनों नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करें.
वहीं हाईकोर्ट ने 12 अक्टूबर को ग्वालियर और दतिया के जिला मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया था कि वे आम प्रतिभागियों, राजनीतिक और सरकारी पदाधिकारियों सहित उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ संज्ञेय अपराध दर्ज करें. वहीं राज्य के महाधिवक्ता पुष्पेंद्र कौरव ने अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया कि 5 एफआईआर 12 अक्टूबर को अदालत के अंतरिम आदेश के साथ दर्ज की गई थी.