मध्यप्रदेश में शराबबंदी और नई शराब नीति पर लगातार हो रही सियासत के बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बड़ा बयान सामने आया है. शिवराज ने कहा है कि सिर्फ दारू बंद कराने से लोग दारू पीना छोड़ देते तो वो एक दिन नहीं लगाते.
'दारू बंद करने से बंद हो जाएगी तो मैं...'
शिवराज सिंह चौहान ने यह बयान उज्जैन में दिया जहां वो गौरव दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे. यहां आए लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 'नशा नाश की जड़ है. मेरा बस चले और यह विश्वास हो जाए कि केवल दारू बंद करने से बंद हो जाएगी तो मैं एक दिन भी नहीं लगाता, लेकिन यह होता नहीं है. इसलिए पहले नशा-मुक्त समाज बनाएंगे. नशामुक्ति अभियान चले और आप विश्वास करें कि जैसे जैसै लोग नशा छोड़ते जाएंगे तो दुकानें अपने आप बंद हो जाएंगी, आप चिंता मत करो.'
उमा भारती ने उठाए थे सवाल
शिवराज सिंह का बयान ऐसे समय में सामने आया है जब उनकी सरकार की शराब नीति पर उनकी ही पार्टी की वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम उमा भारती ने सवाल उठाए हैं. हालांकि शिवराज ने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन माना जा रहा है कि वह उमा भारती के संदर्भ में ही यह बयान दे रहे थे.
उमा भारती ने 1 अप्रैल से लागू हुई नई शराब नीति पर सवाल उठाते हुए कहा था कि 'आज हमने मध्य प्रदेश में नई शराब नीति लागू की है इसमें लोगों को ज्यादा शराब कैसे पिलाई जा सके, अहातों में ज्यादा शराब कैसे परोसी जा सके इस व्यवस्था को निश्चित किया है.
'जान पर खेलकर हम राजस्व कमा रहे हैं?'
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में जिसका सर्वत्र नारी शक्ति द्वारा विरोध हो रहा है. छत्तीसगढ़ एवं दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी की राज्य की इकाइयां इसी प्रकार की शराब की नीति के विरोध में सड़क पर उतर आए हैं. मैं मध्य प्रदेश की महिलाओं एवं बेटियों के साथ हूं, शराबखोरी के शिकार हो गए बेटों के लिए भी चिंतित हूं, उनकी इज्जत एवं जान पर खेलकर हम राजस्व कमा रहे हैं इस पर शर्मिंदा भी हूं'. इसके पहले उमा भारती ने भोपाल की एक शराब दुकान में घुसकर पत्थर मारा था जिसपर काफी विवाद भी हुआ था.