मध्य प्रदेश (MP) की पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज करने वाले डिप्टी फॉरेस्ट रेंजर का तबादला कर दिया गया है. उन्होंने महू के बागपुर में वन चौकी से मानपुर के चपरिया में पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी.
दरअसल, 12 जनवरी को डिप्टी फॉरेस्ट रेंजर राम सुरेश बाबू ने आरोप लगाया था कि ऊषा ठाकुर और उनके समर्थकों ने 11 जनवरी की रात को जबरदस्ती जेसीबी मशीन और एक ट्रैक्टर ट्रॉली का इस्तेमाल करके आरक्षित वन क्षेत्र में से अवैध पत्थर और मिट्टी का खनन किया था.
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डिप्टी फॉरेस्ट रेंजर राम सुरेश बाबू का आरोप था कि जब उन्होंने उषा ठाकुर और उनके समर्थकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई तो पुलिस ने शिकायत दर्ज नहीं की, लेकिन वन मंत्री को एक उच्च स्तरीय जांच की टीम का गठन करने के लिए मजबूर होना पड़ा. इस जांच टीम की अध्यक्षता वन स्तर के एक प्रमुख मुख्य अधिकारी ने की.
लेकिन अब उच्च स्तरीय जांच पूरी होने से पहले वन विभाग की ताजा कार्रवाई सामने आई है. उन्होंने डिप्टी फॉरेस्ट रेंजर राम सुरेश बाबू का तबादला कर दिया. वहीं, पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया था कि सह आरोपी मनोज पाटीदार ने अपनी जमीन से पत्थर और मिट्टी का इस्तेमाल सड़क के एक पैच को समतल करने के लिए किया था. उस सड़क के खराब होने की वजह से उनके मतदाताओं को काफी असुविधा हो रही थी. जिसके बाद कांग्रेस ने उषा ठाकुर को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की थी.
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