मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक बेहद दिलचस्प मामला सामने आया है. यहां सीएम हेल्पलाइन पर लंबित शिकायतों के निराकरण में देरी होने पर कलेक्टर ने खुद की ही वेतनवृद्धि रोकने का आदेश जारी कर दिया है. इसके साथ ही कलेक्टर कई अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई का आदेश दिया है.
दरअसल, जबलपुर कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से आई शिकायतों का निराकरण न होने पर खुद के साथ अपने कई अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दे दिए हैं. कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने खुद एक महीने के वेतन नहीं निकालने के निर्देश के साथ कहा कि जिन अफसरों के सीएम हेल्पलाइन में ज्यादा प्रकरण हैं, उन सबकी एक-एक वेतन वृद्धि रोकी जाए. इसके साथ ही स्वच्छता व सीएम हेल्पलाइन में लापरवाही पर नगर निगम के सभी उपायुक्तों के वेतन रोकने के निर्देश भी कर्मवीर शर्मा ने दिए हैं.
कलेक्टर के गुस्से की गाज तहसीलदारों पर भी गिरी, क्योंकि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही पर संबंधित तहसीलदारों की एक-एक वेतनवृद्धि भी रोक दी गई है.
डिस्ट्रिक्ट मार्केटिंग आफिसर कलेक्टर की बैठक में उपस्थित नहीं थे, लिहाज़ा कलेक्टर ने उन्हें नोटिस देने के निर्देश दिए हैं. इतना ही नहीं, प्रकरणों के निराकरण में उदासीनता पर पीआईयू के कार्यपालन यंत्री के वेतन वृद्धि रोकने के भी निर्देश दिए. कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने ज़िले के सभी विभागों के अधिकारियों से सीएम हेल्पलाइन या समाधान ऑनलाइन के मामलों का समय सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए हैं.