मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की बहुप्रतिक्षित नर्मदा सेवा यात्रा रविवार 11 दिसंबर को शुरू हो गई. यात्रा की शुरुआत अमरकंटक से हुई, जहां खुद शिवराज सिंह चौहान के साथ गुजरात के सीएम विजय रुपाणी भी मौजूद थे. अमरकंटक नर्मदा नदी का उद्गम स्थल भी है.
नर्मदा सेवा यात्रा की शुरुआत अमरकंटक में नर्मदा नदी की पूजा-अर्चना से हुई. इसके बाद नदी को खुद सीएम शिवराज ने चुनर चढ़ाई. इस दौरान उनके साथ कई साधू-संत भी मौजूद थे. चुनर चढ़ाने और पूजा के बाद भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसकी अगुआई भी खुद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने की. सीएम शिवराज ने ट्वीट कर कहा कि यह यात्रा मां नर्मदा का कर्ज उतारने का प्रयास है.
आज का दिन मेरे लिए सौभाग्य का दिन है। आज #NarmadaSevaYatra प्रारम्भ हुई है। यह यात्रा माँ नर्मदा का कर्ज़ उतारने का विनम्र प्रयास है। pic.twitter.com/NupQMQl6QI
— ShivrajSingh Chouhan (@ChouhanShivraj) 11 December 2016
कलश यात्रा अमरकंटक में नर्मदा के घाटों से होती हुई नदी की परिक्रमा के लिए आगे चली गई. नर्मदा सेवा यात्रा में नर्मदा नदी की पूरी परिक्रमा की जाएगी. लगभग 150 दिनों तक चलने के बाद यात्रा का समापन 11 मई 2017 को होगा. इस यात्रा में नर्मदा नदी के किनारे पेड़ लगाए जाएंगे, तो वहीं नर्मदा किनारे सफाई पर भी जोर दिया जाएगा, ताकि मध्य प्रदेश की जीवनरेखा कहे जाने वाली नर्मदा का संरक्षण किया जा सके.
इसी सेवा यात्रा में खुद सीएम शिवराज सिंह चौहान हर हफ्ते शिरकत करेंगे. पूरे अभियान के दौरान हर रोज नर्मदा सेवा यात्रा के मार्ग में पौधारोपण होगा और इस दौरान नर्मदा में मिलने वाले नालों को नर्मदा से अलग किया जाएगा. जहां मुमकिन होगा वहां किसानों को नर्मदा किनारे फलदार पेड़ लगाने के लिए जागरूक किया जाएगा, ताकि नर्मदा के किनारों को खूबसूरत बनाया जा सके.