मंगलवार को विधानसभा में 'जिला क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप' की बैठक हुई है, जिसमें भोपाल में बढ़ते कोरोना मामलों को देखते हुए कई फैसले लिए गए हैं. बैठक में तय हुआ है कि महाराष्ट्र से आने वाले व्यक्तियों की थर्मल स्कैनिंग की जाए. कोरोना के बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए धरना-प्रदर्शन पर भी रोक लगाने का फैसला लिया गया है.
इस मीटिंग में सभी बाजारों में दुकानदारों को मास्क लगाने की अनिवार्यता और सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन कराने के निर्देश भी दिये जाएंगे. शहर में रोको-टोको अभियान दोबारा से शुरू किया जाएगा और मास्क नही लगाने पर 100 रुपये का अर्थदण्ड लिया जाएगा.
आपको बता दें कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार शाम को कोरोना की स्थितियों को देखते हुए एक समीक्षा बैठक की थी, जिसमें स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभु राम चौधरी भी मौजूद थे. इसके बाद गृह विभाग में महाराष्ट्र की सीमा से लगे जिलों के अलावा इंदौर और भोपाल समेत 12 अन्य जिलों के कलेक्टरों को निर्देश जारी किए थे कि वे अपने जिलों में कोरोना वायरस की स्थिति को देखते हुए जिला क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक करें और 24 फरवरी तक मध्यप्रदेश शासन को उसमें लिए गए सुझावों की जानकारी भेज दें.
आपको बता दें कि उत्तराखंड में भी इसी तरह का निर्णय लिया गया है. पंजाब, महाराष्ट्र, केरल, गुजरात, छत्तीसगढ़ में बढ़ते मामलों को देखकर उत्तराखंड में बॉर्डर पर चेक पॉइंट लगाने का निर्णय लिया गया है, जहां इन राज्यों से आने वाले नागरिकों की जांच की जाएगी. जैसे ही देश में कोरोना के मामले घटने लगे थे और अनलॉक शुरू हुआ था तो बॉर्डर पर लगाए गए चेकिंग पॉइंट हटा दिए गए थे लेकिन उन्हें अब दोबारा से लगाया जा रहा है. देश में बढ़ते कोरोना मामलों को देखते हुए पीएमओ ने भी आपातकालीन बैठक बुलाई है.