मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आजतक पंचायत के मंच से कहा कि राम मंदिर मुद्दे पर कांग्रेस का जो स्टैंड था, उस पर आज भी कायम है. हालांकि बीजेपी का स्टैंड जरूर बदला है. इन्हें राम से कोई लेना देना नहीं है, इनके भगवान राम की याद तभी आती है, जब चुनाव आते हैं.
आजतक पंचायत के मंच से दिग्विजय सिंह ने कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अब कह रहे हैं कि भगवान राम जब चाहेंगे तो राम मंदिर बन जाएगा. जबकि पहले ये कहते थे कि यूपी में सरकार बनवा दो, वहां सरकार बन गई. इसके बाद इन्होंने कहा कि देश में सरकार बनवा दें वहां भी बन गई. फिर कहा कि बहुमत वाली सरकार बनवा दो, वो भी बन गई. अब ये कहते हैं कि अदालत के जरिए फैसला आएगा.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शुरू से कहती आ रही है कि विवादित स्थल पर अदालत से जरिए ही इसका समाधान होना चाहिए. दिग्विजय सिंह ने कहा कि भगवान राम के वजूद पर कोई सवाल उठा ही नहीं सकता है. बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि सीता जी के वजूद पर जरूर महेश शर्मा ने ससंद में सवाल उठाया है.
उन्होंने कहा कि बीजेपी वालों को राम से कोई लेना देना नहीं हैं, चुनाव जब आता है तभी इन्हें राम का नाम याद आता है. मध्य प्रदेश में राम गमन पथ यात्रा को बनवाने का वादा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया था, जिसे वो भूल गए हैं. हम चाहते हैं कि रामजी के नाम पर पथ बनना चाहिए.
दिग्विजय सिंह ने कहा कि संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शिकागो में कहा कि हिंदू खतरे में है. हिंदू खतरे में हो ही नहीं सकता है. इस देश में अलग-अलग धर्म के लोग यहां आए वो सभी यहां समाहित हो गए. कभी देश में धर्म युद्ध नहीं हुआ, लेकिन सियासी युद्ध जरूर हुआ है.
उन्होंने कहा कि आज तो देश का प्रधानमंत्री भी हिंदू हैं और प्रदेश के मुख्यमंत्री भी हिंदू है. इसके बाद देश का हिंदू खतरे में बात कही जा रही है.
उन्होंने कहा कि शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने बताया कि अयोध्या के विवादित स्थल पर भगवान राम विराजमान थे,, जहां पूजा हो रही थी. वहां कोई नमाज तो पड़ नहीं रहा था. लेकिन इन लोंगो ने उस मंदिर को गिराकर भगवान राम को टेंट में ला दिया. अब कहते हैं कि अदालत का फैसला आएगा उसे मानेंगे.