सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत में कमलनाथ सरकार पर हमला करते हुए कहा कि यह अजब सरकार के गजब मंत्री है. इन्हें नहीं समझ आता कि ये क्या बोल रहें हैं. इन्हें होश नहीं है, पहले ही प्रशासनिक अराजकता और कानून व्यवस्था ध्वस्त है. जहां चारों तरफ अफरा-तफरी मची है, वहीं लगता है की ये खुद सामाजिक अराजकता भी फैलाना चाहते हैं.
बता दें, शिवराज सिंह चौहान ने अपने कार्यकाल में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की शुरुआत की थी. इसी योजना पर जब मंत्री का विवादित बयान सामने आया तो शिवराज ने बोला कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना एक पवित्र उद्देश्य से प्रारंभ की गई थी. वह परिवार जिनके लिए बेटियों की शादी उनपर भारी पड़ती है या कुछ और कारणों से बेटियों शादी में दिक्कतें आतीं हैं,यह योजना उन परिवार के लिए थी. वहीं मंत्री अगर खुलेआम देशी विदेशी नशे का प्रचार करेंगे, तो समाज किस दिशा में जाएगा.
कोई और अगर नशे के बारे में बोले तो अलग बात है लेकिन यहां तो मंत्री ही बोल रहे हैं
शिवराज ने बताया कि कमलनाथ सरकार के मंत्रियों को कम से कम मंत्री होने का मतलब पता होना चाहिए. उन्होंने कहा कि सामान्य मनुष्य अगर नशे के बारे में बोले तो अलग बात होती है लेकिन मंत्री बोल रहे हैं कि देशी-विदेशी पीने की व्यवस्था कर दी. दूसरे मंत्री कह रहे हैं कि बुढ़ापे में बीड़ी तंबाकू खाने की व्यवस्था कर दी. यह बीड़ी पिला के और खिला के क्या कैंसर के शिकार बनाना चाहते हैं सबको. मंत्रियों और सरकार की जिम्मेदारी है कि वो लोगों को नशे से दूर रखने का प्रयास करें.
तंबाकू जैसा नशा जिससे कैंसर पैदा होता है उससे जनता को दूर रखें लेकिन यहां तो उल्टा उसका प्रचार करते है कमलनाथ सरकार के मंत्री. उन्होंने कहा कि इन मंत्रियों का यह व्यवहार मंत्री रहने लायक नहीं है. मैं मुख्यमंत्री से कहूंगा कि मंत्रियों पर लगाम लगाएं.