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कमलनाथ पर बरसे शिवराज- अहंकार से भरी हुई कांग्रेस, माफी मांगने की बजाय बचाव में जुटी

मध्य प्रदेश में उपचुनाव के लिए प्रचार जारी है. इस दौरान कमलनाथ के एक बयान पर बवाल हो गया है. सोमवार को शिवराज सिंह चौहान ने मौन धरना रखा और फिर कांग्रेस पर निशाना साधा.

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कांग्रेस के खिलाफ शिवराज का मौन उपवास
कांग्रेस के खिलाफ शिवराज का मौन उपवास
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कमलनाथ के बयान पर बीजेपी का हल्ला बोल
  • शिवराज ने रखा दो घंटे तक मौन उपवास

उपचुनाव से पहले मध्य प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बयान पर विवाद जारी है. सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सांकेतिक मौन व्रत रखा, इसके बाद उन्होंने कमलनाथ और कांग्रेस पर निशाना साधा. शिवराज सिंह ने कहा कि वो इस मामले में सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखेंगे और कमलनाथ पर क्या एक्शन लिया गया, इसके बारे में पूछेंगे.

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस ने बेशर्मी की हद पार कर दी है, मध्य प्रदेश की जनता सरल है लेकिन शब्दों के मतलब को जानती है. जनता आपकी मानसिकता को पहचानती है, कमलनाथ ने बयान पर माफी नहीं मांगी. लेकिन कांग्रेस पार्टी बयान के बचाव में लगी हुई है.

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सीएम बोले कि मुझे नालायक कहो चाहे कितनी भी आलोचना करो, लेकिन किसी बहन के खिलाफ ऐसे शब्दों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अभी नवरात्रि का वक्त चल रहा है, लेकिन ऐसे वक्त में इस तरह की बयानबाजी की गई जो शर्मनाक है. 

बीजेपी नेता ने कांग्रेस की प्रमुख सोनिया गांधी से अपील करते हुए कहा कि आप भी महिला हैं, ऐसे में कमलनाथ द्वारा दिए गए बयान पर एक्शन लें.

आपको बता दें कि कांग्रेस नेता कमलनाथ ने एक रैली में इमरती देवी को आइटम कहा था, जिसपर राजनीतिक बवाल तेज हो गया. इसी बयान के विरोध में शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को दो घंटे का मौन उपवास रखा और कांग्रेस से माफी मांगने की अपील की. 

दूसरी ओर इमरती देवी की ओर से बयान दिया गया है कि वो इस मामले में कानूनी एक्शन लेंगी. इमरती देवी ने कहा कि वो कमलनाथ को भाई की तरह मानती थीं, लेकिन उन्होंने अपनी बहन का ही अपमान किया है. ऐसे में उन्हें तुरंत माफी मांगनी चाहिए. हालांकि, कांग्रेस का कहना है कि कमलनाथ के बयान को बीजेपी तोड़ मरोड़ कर पेश कर रही है. 

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