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शराब कारोबारियों को SC से झटका, सुरक्षा निधि लौटाने की याचिका खारिज

मध्य प्रदेश के शराब ठेकेदारों ने सुप्रीम कोर्ट में एक अर्जी डालकर मांग की थी कि उन्हें जब्त सुरक्षा निधि वापस दिलाई जाए. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई में इस याचिका को खारिज कर दी. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मध्यप्रदेश के शराब कारोबारी जब्त सुरक्षा निधि के लिए राज्य सरकार को आवेदन दे सकते हैं.

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जब्त सुरक्षा निधि वापस करने की मांग
जब्त सुरक्षा निधि वापस करने की मांग
स्टोरी हाइलाइट्स
  • SC ने खारिज की एमपी के शराब ठेकेदारों की याचिका
  • राज्य सरकार को आवेदन दे सकते हैं शराब कारोबारी
  • लायसेंस शर्तों में बदलाव की मांग HC ने की थी ख़ारिज

मध्यप्रदेश के शराब कारोबारियों को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका मिला. सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश के शराब ठेकेदारों की याचिका कर दी जिसमें प्रदेश सरकार की ओर से जब्त सुरक्षा निधि लौटाने की मांग की गई थी.

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मध्यप्रदेश के शराब ठेकेदारों ने सुप्रीम कोर्ट में एक अर्जी डालकर मांग की थी कि उन्हें जब्त सुरक्षा निधि वापस दिलाई जाए. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई में इस याचिका को खारिज कर दी. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मध्यप्रदेश के शराब कारोबारी जब्त सुरक्षा निधि के लिए राज्य सरकार को आवेदन दे सकते हैं. 

बता दें, जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश को मध्यप्रदेश के शराब कारोबारियों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी जिस पर शुक्रवार को सुनवाई हुई. इससे पहले जबलपुर हाईकोर्ट ने कोरोना काल में लाइसेंस शर्तों में बदलाव की मांग थी जिसे अदालत ने खारिज कर दी थी.

कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए लगाए गए लॉकडाउन में मध्यप्रदेश सरकार ने शराब की दुकानें खोलने की इजाजत नहीं दी थी. इसकी वजह से शराब ठेकेदारों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा था. इसे देखते हुए शराब ठेकेदारों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की थी कि उन्हें लाइसेंस फीस में छूट दी जाए और बिक्री के हिसाब से शुल्क लिया जाए. मामला बाद में सुप्रीम कोर्ट में आया था.

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