मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में एक बाघ का शव मिलने से हड़कंप मच गया. शव लगभग कंकाल का स्वरूप ले चुका था. एक महीने में दो बाघों की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है. इसकी पुष्टि पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक ने की. बाघ का शव बेहद खराब हालत में मिला. उसके शव में बदबू आ रही थी. ऐसा माना जा रहा है कि मौत 5-6 दिन पहले ही हुई होगी.
बाघ की मौत की जांच के लिए घटना स्थल के आसपास डॉग स्क्वॉड ने छानबीन की. लेकिन अवैध गतिविधि के कोई साक्ष्य नहीं मिले. दूसरे बाघ के खरोच और संघर्ष के निशान जरूर मिले हैं. जिसे देखकर ऐसा लग रहा है कि दो बाघों की आपसी लड़ाई हुई. जिसके कारण एक की मौत हो गई.
बाघ की मौत से मचा हड़कंप
बाघ की मौत तीन से पांच दिन पहले की बताई जा रही है. पोस्टमॉर्टम के बाद मृत बाघ के शव को जला दिया गया. बाघों की मौत की घटनाओं के बाद से फील्ड स्टाफ के कामकाज पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं.
पन्ना टाइगर रिजर्व
एक महीने में दो बाघों की मौत
क्षेत्र संचालक के. एस. भदौरिया के अनुसार पन्ना टाइगर रिजर्व के अंतर्गत फेस-4 की मॉनिटरिंग के दौरान कोर क्षेत्र में 39 व्यस्क-अर्धवयस्क बाघ पाए गए हैं. क्षेत्रफल के हिसाब से टाइगर रिजर्व की धारण क्षमता 30 बाघ की है. कोर क्षेत्र में क्षमता से ज्यादा बाघों के होने की वजह से इस इलाके पर वर्चस्व को लेकर आपसी संघर्ष बढ़ रहा है. पन्ना पार्क में एक माह में बाघ की मौत की यह दूसरी बड़ी घटना है.