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यहां चलेगा अवैध लाल बत्ती लगाने वालों पर डंडा...

मध्य प्रदेश के गृह एवं परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने नए साल की शुरूआत से ही अवैध रूप से लाल और पीली बत्ती इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश जारी किए थे, जिसके बाद से ही परिवहन और पुलिस विभाग का संयुक्त जांच अभियान फर्जी बत्ती और प्रेशर हॉर्न उपयोग करने वालों पर भारी पड़ रहा है.

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अवैध लाल बत्ती लगाने वालों की खैर नहीं
अवैध लाल बत्ती लगाने वालों की खैर नहीं

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कार या अन्य वाहन पर लाल या पीली बत्ती लगाना हर किसी का सपना होता है, लेकिन कानूनन हर कोई इसका इस्तेमाल नहीं कर पाता. वहीं कई लोग दूसरों पर रौब झाड़ने या स्टेटस सिंबल के लिए अपने वाहनों पर अवैध रूप से लाल या पीली बत्ती लगा लेते हैं. ऐसे ही लोगों पर इन दिनों मध्य प्रदेश पुलिस और परिवहन विभाग का डंडा चल रहा है.

दरअसल मध्य प्रदेश के गृह एवं परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने नए साल की शुरूआत से ही अवैध रूप से लाल और पीली बत्ती इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश जारी किए थे, जिसके बाद से ही परिवहन और पुलिस विभाग का संयुक्त जांच अभियान फर्जी बत्ती और प्रेशर हॉर्न उपयोग करने वालों पर भारी पड़ रहा है.

परिवहन विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक अपात्र व्यक्तियों द्वारा लाल बत्ती के अवैध उपयोग पर 203 वाहनों का चालान किया गया. इन लोगों पर कार्रवाई करते हुए 1 लाख 32 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.

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अभियान के शुरुआती चार दिनों में ही प्रदेश के सभी 51 जिले में की गई जांच में 1038 वाहनों में ओवर-लोडिंग पाए जाने पर 27 लाख से ज्यादा का चालान वसूला गया. चेकिंग अभियान के अंतर्गत 1314 वाहन बिना फिटनेस/ परमिट/ बीमा के पाए गए, जिनसे लगभग 35 लाख से ज्यादा चालान वसूला गया.

दूसरी तरफ प्रेशर हॉर्न के गलत इस्तेमाल पर कुल 881 वाहनों पर कार्रवाई करके 8 लाख से ज्यादा का जुर्माना वसूला गया है. अभी तक 566 वाहन पीयूसी सर्टिफिकेट के बिना मिले, जबकि आपातकालीन खिड़की ना होने पर 80 यात्री बसों पर कार्रवाई की गई है.

अभियान में विशेष तौर पर ओवरलोडिंग, परमिट, फिटनेस, बीमा, नंबर प्लेट, प्रेशर हॉर्न, यात्री बसों में इमरजेंसी विंडो, ड्राइविंग लाइसेंस और पीयूसी की जांच की जा रही है है.



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