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भोपाल: पुलिसवालों ने दो पत्रकारों को सिमी का आतंकी बताकर पीटा

पुलिस के बर्बर रवैये के शिकार हुए दोनों पत्रकारों का कहना है कि उन्होंने पुलिसकर्मियों को बताया भी कि वे पत्रकार हैं, अपना आईडेंटिटी कार्ड भी दिखाया लेकिन पुलिसवालों ने उनकी बात नहीं मानी और आई-कार्ड भी सड़क पर फेंक दिया.

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दफ्तर से घर लौट रहे पत्रकारों के साथ मारपीट
दफ्तर से घर लौट रहे पत्रकारों के साथ मारपीट

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भले ही राज्य की तरक्की की बात करते हों लेकिन राज्य की पुलिस कानून व्यवस्था को चुस्त करने की बजाय खुद ही दबंगई पर उतर आई है. राजधानी भोपाल में पुलिस ने पत्रकारों को प्रतिबंधित 'सिमी' का आतंकी बता उनकी जमकर पिटाई कर दी.

यह मामला सोमवार देर रात का है. जब एक प्रतिष्ठित हिंदी अखबार के दो पत्रकार कृष्ण मोहन तिवारी और विजय प्रभात शुक्ला ऑफिस से घर लौट रहे थे. रास्ते में पुलिस ने उनकी मोटरसाइकिल रोकी और पूछताछ शुरू कर दी. पुलिसवाले नशे में धुत थे.

पुलिस के बर्बर रवैये के शिकार हुए दोनों पत्रकारों का कहना है कि उन्होंने पुलिसकर्मियों को बताया भी कि वे पत्रकार हैं, अपना आईडेंटिटी कार्ड भी दिखाया, लेकिन पुलिसवालों ने उनकी बात नहीं मानी और आई-कार्ड भी सड़क पर फेंक दिया.

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इसके बाद पुलिसवालों ने दोनों पत्रकारों के साथ बदसलूकी शुरू कर दी. दोनों को गालियां दी और सिमी का आतंकी बताकर उनकी जमकर धुनाई कर दी. इतना ही नहीं पुलिसकर्मियों ने एनकाउंटर की धमकी भी दे डाली. इतने से भी न बन पड़ा तो पुलिसवाले दोनों को थाने ले गए और सुबह पांच बजे तक उन्हें वहां रख कर पिटाई की. इस वजह से दोनों जर्नलिस्ट्स को चोटें भी आई हैं.

तीन पुलिसवाले निलंबित
मामला सुबह 11 बजे साउथ भोपाल एसपी के संज्ञान में आया. उन्होंने मामले में तीन पुलिसवालों को निलंबित कर दिया है. इसमें एएसआई रघुबीर सिंह दांगी, हेड कॉन्सटेबल सुभाष त्यागी और संतोष यादव को निलंबित किया गया है.

उधर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एसके मिश्रा ने बताया कि इस मामले में टाउन इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर जबकि तीन को सस्पेंड कर दिया गया है. आगे जो भी कार्रवाई होगी, मामले पर नजर बनाए रखेंगे.

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