पुलवामा में शहीद हुए जवानों न साथ पूरा देश खड़ा हुआ है. ऐसे में मध्यप्रदेश पुलिस के एक जवान ने एक ऐसा कदम उठाया जिसकी जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है. दरअसल, बालाघाट जिले में मध्यप्रदेश पुलिस की विशेष शाखा के इंटेलिजेंस विभाग में आरक्षक उमेश शर्मा ने उनके रिटायरमेंट तक एक महीने की सैलरी सेना के वेलफेयर फंड में देने का फैसला किया है. यानी आरक्षक उमेश शर्मा अब अपने पूरे सर्विस काल तक मिलने वाली सैलरी में से हर साल एक महीने की सैलरी सेना वेलफेयर फंड में देंगे.
उमेश शर्मा ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना पत्र के माध्यम से दे दी है. उमेश के इस कदम की चारों ओर से प्रशंसा हो रही है और क्या आम क्या खास हर कोई उमेश के इस जज़्बे को सलाम कर रहे है. आजतक से फोन पर बातचीत करते हुए उमेश ने बताया कि 'पुलवामा हमले के बाद से वो इस बात को लेकर काफी परेशान थे कि इन शहीदों के परिजनों के सामने कोई आर्थिक समस्या ना हो क्योंकि उमेश खुद एक बेहद सामान्य परिवार से आते हैं और इसलिए वो अपनी पूरी सर्विस के दौरान हर साल में से एक महीने की सैलरी आर्मी वेलफेयर फंड में देने जा रहे हैं.
उमेश ने बताया कि 'ये एक कठिन फैसला था क्योंकि वो खुद भी सामान्य परिवार से आते हैं, लेकिन देश के लिए सीमा पर जान जोखिम में डालने वाले जवानों के सामने वो कुछ करना चाहते थे और इसलिए ये फैसला किया जिसमें उनके परिवार ने भी फैसले का समर्थन किया.
उमेश के मुताबिक, उन्हें हर महीने करीब 22 हज़ार रुपये के लगभग सैलरी मिलती है और उनकी करीब 30 साल की सेवा अभी बची हुई है. जब हमने हिसाब लगाया तो पाया कि अपनी सर्विसकाल के पूरा होने तक आर्मी वेलफेयर फंड में उमेश लाखों रुपये जमा करा चुके होंगे. हालांकि उमेश का कहना है कि सेना के वीर जवानों के सामने उनकी तरफ से दी जाने वाली राशि बेहद छोटी है.
एसपी ने की तारीफ
बालाघाट एसपी अभिषेक तिवारी ने भी उमेश शर्मा न जज़्बे की तारीफ की है. उन्होंने कहा कि उमेश के द्वारा उठाया गया कदम कई और लोगों को आगे आने की प्रेरणा देगा.
एमपी पुलिस ने दिए थे 7 करोड़ 50 लाख रुपए
बता दें कि पुलवामा हमले के बाद से ही सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों की मदद के लिए देशभर के लोग आर्थिक राशि दे रहे हैं. मध्यप्रदेश पुलिस ने भी कुछ दिन पहले पुलवामा हमले में शहीद जवानों के परिजनों के लिए सात करोड़ 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक मुख्यमंत्री कमलनाथ को सौंपा था.