उपचुनाव के मुहाने पर खड़े मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की एक तस्वीर पर सियासी घमासान मच गया है. इस तस्वीर में सीएम शिवराज जनता के सामने घुटने के बल बैठे दिख रहे हैं. इस तस्वीर को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने तंज कसा है. उन्होंने कहा है कि काम करते तो घुटने नहीं टेकने पड़ते. जनता के सामने ऐसे घुटने टेकने की जरूरत उन्हीं नेताओं को होती है जो चुनाव से पहले लोगों के सामने झूठे वादे करते हैं.
पूर्व सीएम कमलनाथ ने शनिवार को ट्वीट करते हुए लिखा कि 'यदि नेता जनता को झूठे सपने, झूठे सब्जबाग ना दिखाए, झूठी घोषणाएं ना करे, झूठे चुनावी नारियल ना फोड़े, जनता से किये अपने हर वादे को वचन समझ पूरा करे, जनता को झूठे- लच्छेदार भाषण परोसकर मूर्ख ना समझें, अपनी सत्ता लोलुपता के लिये सौदेबाजी से जनादेश का अपमान कर राजनीति को कलंकित ना करें, जनहित उसके लिये सदैव सर्वोपरि हो तो जनता उसे हमेशा सर आंखों पर बैठाती है, अपने सर का ताज बनाती है, उसको घुटने टेकने की कभी जरूरत ही नहीं पड़ती है'.
वहीं बीजेपी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अपने-अपने संस्कार हैं कमलनाथ जी. कोई भारत की जनता के आगे झुकता है तो कोई इटली और चीन के आगे. हम इटली के सामने घुटने नहीं टेकते.
दरअसल, मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर नवंबर महीने में उपचुनाव होना है. इसमें एक सीट मंदसौर की सुवासरा है जहां से बीजेपी ने कांग्रेस छोड़ कर आए हरदीप सिंह डंग को अपना प्रत्याशी बनाया है. डंग के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित करने शिवराज सिंह चौहान सुवासरा पहुंचे थे जहां भाषण देते समय वो मंच पर ही घुटनों के बल बैठ गए और शीश झुका कर जनता का अभिवादन किया था.
भाषण में उन्होंने कहा कि 'चुनाव के समय लोग कहते थे कि मंदसौर और नीमच में सूपड़ा साफ हो जाएगा, तब आपने ऐसा साथ दिया कि मैं कभी नहीं भूलूंगा और इसके लिए मैं आपका कृतज्ञ हूं. आज मेरा दिल कह रहा है कि शिवराज यहां बैठकर, शीश झुकाकर मंदसौर और नीमच की जनता को प्रणाम कर और कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दे'.
इसके बाद शिवराज वहीं घुटनों के बल बैठ गए और शीश झुकाकर सामने मौजूद कार्यकर्ताओं और जनता का हाथ जोड़ धन्यवाद किया. मुख्यमंत्री को अपने सामने इस तरह से देख वहां मौजूद लोग ताली बजाने लगे.