महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव में कुछ ही समय बचा है. इसको लेकर तमाम राजनीतिक पार्टियां तैयारियों में जुटी हैं. गठबंधन और सीट शयेरिंग को लेकर मंथन जारी है. इस बीच महाराष्ट्र में आगामी चुनावों में तस्वीर बदल सकती है. कारण, राज्य में थर्ड फ्रंड बनाने की कवायद शुरू हो गई है. तीसरे गठबंधन की शुरुआत परिवर्तन महाशक्ति के रूप में हुई है, जिसमें 50 से अधिक छोटे दल शामिल हैं.
दरअसल, अभी तक राज्य में दो गठबंधन आमने-सामने थे. महायुति में बीजेपी, शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित गुट) तो वहीं महाविकास अघाड़ी में कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव गुट) और शरद पवार की एनसीपी. लेकिन इस बीच अब तीसरा गठबंधन भी बनाया जा रहा है, जिसका नाम रखा गया है "परिवर्तन महाशक्ति". छत्रपति संभाजी राजे, बच्चू कडू, राजू शेट्टी जैसे नेता अपने छोटे दलों को इस थर्ड फ्रंड के अंतर्गत एकजुट कर रहे हैं.
परिवर्तन महाशक्ति की ओर से छत्रपति संभाजीनगर के एकनाथ रंग मंदिर ऑडिटोरियम में बैठक आयोजित की गई. बैठक में इतनी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता पहुंचे कि लोगों को कुर्सियों के अलावा जमीन पर भी बैठना पड़ा. यहां सभी ने अपने-अपने विचार रखे और दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं को बताया गया कि राज्य में थर्ड फ्रंड बनाने की जरूरत क्यों पड़ी है.
किसान नेता राजू शेट्टी ने अपने भाषण के दौरान कहा, "हम राज्य में परिवर्तन लाना चाहते हैं. हम में से किसी को भी मुख्यमंत्री नहीं बनना है. हम जनता के लिए मैदान में आए हैं. परिवर्तन महाशक्ति में जो लोग शामिल हुए हैं वह किसानों, कामगार, महिलाओं, दिव्यांगों, आदिवासियों और अन्य विभाग में काम करते हैं. महाराष्ट्र में हर रोज़ 11 किसान आत्महत्या कर रहे हैं. इसकी वजह है कि राज्य में किसानों की फसलों को भाव नहीं मिल रहा है और सरकार से मांग करने के बाद भी सरकार किसानों के प्रश्नों को लेकर गंभीर नहीं है. किसानों को खड्डे में डालने का काम महाविकास आगाडी ने किया है.
शिवाजी महाराज के वंशज छत्रपति संभाजी राजे भी तीसरे गठबंधन में शामिल हैं. यहां उन्होंने कहा कि राज्य में दो शिवसेना, दो एनसीपी हो गई हैं. अब इसमें से कौन सी छोटी पार्टी और कौन सी बड़ी पार्टी है, यह पता नहीं चल रहा है. जो राजकीय पार्टियां अलग-अलग हो रही हैं, यह क्या जनता के लिए हुई हैं? नहीं. यह खुद के फायदे के लिए अलग हुए हैं. महाराष्ट्र का इतिहास बहुत पुराना है, लेकिन किसानों की समस्या अभी तक खत्म नहीं हुई है. महाराष्ट्र की तुलना में कई राज्यों में किसानों को कई सारी सुविधाएं दी जाती हैं, लेकिन महाराष्ट्र में किस पिछड़ा हुआ है.
वहीं प्रहार के नेता बच्चू कडू ने कहा कि हम नया परिवर्तन लाना चाहते हैं. जो कांग्रेस और बीजेपी के दौर में हुआ नहीं, किसानों की परेशानी, स्वास्थ्य व्यवस्था ठीक नहीं है, बच्चों को शिक्षक नहीं मिल पा रही है. पूरे महाराष्ट्र में 288 सीटों पर परिवर्तन महाशक्ति की ओर से उम्मीदवार उतारे जाएंगे. परिवर्तन महाशक्ति के साथ पूरे महाराष्ट्र में छोटे 50 से अधिक दल शामिल हैं.