महाराष्ट्र के चंद्रपुर में तेंदुए के हमले में एक 7 साल की बच्ची बुरी तरह से घायल हो गई. जिसे बल्लारपुर शहर के पंडित दीनदयाल अस्पताल में भर्ती कराया गया. बताया जा रहा है कि मासूम आफरीन शेख घर के आंगन में अपनी बहन के साथ खेल रही थी. तभी अचानक तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया और घसीटता हुआ उसे जंगल की तरफ ले जाने लगा. लड़की के चीखने की आवाज सुनकर उसका चाचा बाहर निकला तो उसने देखा कि भतीजी की गर्दन को तेंदुए ने अपने जबड़े में फंसाया हुआ है और जंगल की तरफ ले जा रहा है. यह देख उसके पैरों तले जमीन खिसक गई.
7 साल की बच्ची को उठा ले जाने लगा तेंदुआ
चाचा ने शोर मचाया और हिम्मत दिखाते हुए किसी तरह अपनी भतीजी को तेंदुए के जबड़े से बचाया और तुरंत ही उसे अस्पताल लेकर पहुंचे. चाचा ने बताया कि वो करीब 500 मीटर तक तेंदुए के पीछे दौड़े और बड़ी मुश्किल से उसने बच्ची को छोड़ा. इसके बाद तेंदुआ जंगल की तरफ भाग गया.
इस घटना में लड़की की जान तो बच गई लेकिन वह बुरी तरह से घायल हो गई. जिसे इलाज के लिए जिला सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पंडित दीनदयाल वार्ड का यह बंबू डिपो परिसर है जो जंगल से सटा हुआ है. जिसकी वजह से जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है. यह पहली घटना है कि कोई तेंदुआ किसी बच्ची को उठा ले गया. इस घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है.
बच्ची के चाचा ने बड़ी मुश्किल से भतीजी को बचाया
इस मामले पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटना की गंभीरता को देखते हुए तेंदूए को पकड़ने के लिए पूरे परिसर में ट्रैप कैमरे और पिंजरे भी लगा दिए गए हैं. वन विभाग के अधिकारी नरेश भंवरे ने बताया कि जल्द से जल्द तेंदुए को पकड़ लिया जाएगा. पूरे परिसर पर नजर रखी जा रही है और चार पिंजरे भी लगाए गए हैं. वन विभाग घायल बच्ची के इलाज के लिए पूरी मदद कर रहा है.