महाराष्ट्र के पुणे में जीका वायरस का पहला केस सामने आया है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पुणे जिले के पुरंदर तहसील के बेलसर में महिला जीका वायरस से संक्रमित मिली है. यह महाराष्ट्र का पहला केस है. हालांकि, जो महिला जीका से संक्रमित मिली, वह पूरी तरह से ठीक है, इसके अलावा उसके परिवार में दूसरे सदस्यों को भी इसके लक्षण नहीं है.
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, बेलसर में 50 साल की महिला 30 जुलाई को किए गए टेस्ट में जीका वायरस से संक्रमित मिली. महिला को चिकनगुनिया भी था.
टीम ने किया बेलसर का दौरा
जीका वायरस का केस सामने आने के बाद 31 जुलाई को स्टेट सर्वे ऑफिसर प्रदीप अवाटे ने अन्य अधिकारियों के साथ बेलसर गांव का दौरा किया. टीम ने सरपंच और ग्राम पंचायत सदस्यों और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और पुरंदर तहसील के सभी स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक की और सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए.
स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिम्मेदार अधिकारियों को जीका और अन्य बीमारियों के सर्वे के दौरान सावधानी बरतने का निर्देश दिया. साथ ही उन्होंने वैक्सीनेशन और कोरोना सर्वे में लापरवाही ना करने की बात कही.
क्या है जीका वायरस?
जीका वायरस रोग मच्छर के काटने से होने वाली एक बीमारी है और 80% रोगियों में कोई लक्षण नहीं दिखते. कुछ रोगियों में बुखार, शरीर में दर्द, आंखों में खुजली, मुंहासे और जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं. अगर यह बीमारी किसी गर्भवती महिला को होती है, तो बच्चे के सिर का आकार कम हो सकता है. हालांकि, यह अभी तक साबित नहीं हुआ है, लेकिन ऐसे में गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान देने की जरूरत है.