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मनसुख हिरेन हत्या मामले में स्टेटमेंट देने NIA ऑफिस पहुंचे अधिवक्ता KH गिरी, क्या है पूरा कनेक्शन?

मनसुख हिरेन वही शख्स हैं जिन्हें उस कार का मालिक बताया जा रहा है जो मुकेश अंबानी के बहुमंजिला घर एंटीलिया के बाहर संदिग्ध अवस्था में खड़ी हुई मिली थी, जिससे विस्फोटक पदार्थ भी प्राप्त हुए थे.

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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मनसुख हिरेन का शव ठाणे के नाले से प्राप्त हुआ था
  • एंटीलिया मामले की कार मनसुख की बताई जाती है
  • मनसुख ने मौत से पहले की थी CM से शिकायत
  • गिरी, मनसुख के वकील हैं जिन्होंने लिखी थी शिकायत

एंटीलिया मामले में अधिवक्ता के एच गिरी एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) के मुंबई दफ्तर में अपना स्टेटमेंट रिकॉर्ड करवाने के लिए पहुंच गए हैं. गिरी वही अधिवक्ता हैं जिनके माध्यम से कारोबारी मनसुख हिरेन (Mansukh Hiran) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और ठाणे और मुंबई के कमिश्नरों से ये शिकायत की थी कि कुछ पुलिसकर्मी और मीडियाकर्मी उन्हें परेशान कर रहे हैं. बाद में मनसुख हिरेन का शव ठाणे की खाड़ी (नाले) के पास पानी में डूबा मिला. शुरुआत में माना गया था कि उन्होंने आत्महत्या की है. लेकिन उनके मुंह से मिले पांच रुमालों के बाद अब ये माना जा रहा है कि संभवतः उनकी हत्या हुई है.

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मनसुख हिरेन वही शख्स हैं जिन्हें उस कार का मालिक बताया जा रहा है जो मुकेश अंबानी के बहुमंजिला घर एंटीलिया के बाहर संदिग्ध अवस्था में खड़ी हुई मिली थी, जिससे विस्फोटक पदार्थ भी प्राप्त हुए थे.

सूत्रों का कहना है कि ये सचिन वाजे थे जिन्होंने मनसुख हिरेन को अधिवक्ता गिरी के बारे में सुझाव दिया था. मीडिया और पुलिसकर्मियों के बारे में शिकायत दर्ज कराने के कुछ दिनों बाद ही मनसुख हिरेन की मौत हो गई, जिसके कारण मामला गंभीर माना जा रहा है. सचिन वाजे, मुकेश अंबानी के घर पाई गई संदिग्ध कार मामले में मुख्य आरोपी हैं और NIA द्वारा उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है.

जब अधिवक्ता गिरी से ये पूछा गया कि क्या मनसुख हिरेन के द्वारा किया गया शिकायत पत्र असली है? इस पर हां कहते हुए अधिवक्ता गिरी ने कहा कि शिकायत पत्र दाखिल किया गया था और ये पब्लिक डोमेन में भी है. ये शिकायत पत्र मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, और दोनों कमिश्नरों को भेजा गया था. अधिवक्ता गिरी ने कहा 'हां मुझे NIA अधिकारियों द्वारा स्टेटमेंट देने के लिए बुलाया गया है, मैं स्टेटमेंट देने के बाद आपसे बात करूंगा. '

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दूसरी तरफ आतंक विरोधी दस्ते (Anti-Terrorism Squad) की टीम रविवार के दिन NIA की स्पेशल कोर्ट पहुंची और मनसुख हिरेन हत्या मामले में सचिन वाजे की कस्टडी की मांग की है. इस पर NIA कोर्ट ने कहा कि ATS को सचिन वाजे तभी सौंपे जा सकते हैं जबकि NIA का कस्टडी टाइम समाप्त हो जाए यानी 25 मार्च तक सचिन वाझे NIA की ही कस्टडी में रहेंगे.

ATS ने कोर्ट से कहा है कि वो मनसुख हिरेन मामले में हुई पूरी साजिश के बारे में सचिन वाजे से बातचीत करना चाहती है. ATS पहले ही कह चुकी है कि उसे मनसुख की हत्या में सचिन वाजे पर शक है. एक ताजा खबर ये भी है कि NIA की टीम सचिन वाजे के घर पहुंची थी, जहां से जांच करने के बाद NIA की टीम अब मुंबई पहुंच रही है.

 

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