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केजरीवाल के बाद अब उद्धव ठाकरे का नंबर! BJP नेताओं का दावा- महाराष्ट्र में भी हुआ था शराब घोटाला

भाजपा नेता उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते रहे हैं.शुक्रवार को बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने भी लगाते हुए कहा था कि महाराष्ट्र में शराब घोटाला हुआ है और जनवरी 2022 में ठाकरे सरकार ने भी शराब घोटाला किया था.

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बीजेपी बोली- उद्धव ठाकरे सरकार के दौरान भी हुआ था शराब घोटाला (फाइल फोटो)
बीजेपी बोली- उद्धव ठाकरे सरकार के दौरान भी हुआ था शराब घोटाला (फाइल फोटो)

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद अब महाराष्ट्र के बीजेपी नेता दावा कर रहे हैं कि पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे भी जेल जा सकते हैं. बीजेपी विधायक अतुल भातखलकर ने एक्स पर एक पोस्ट करते हुए कहा, “एक निवर्तमान मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार की वजह से जेल जा सकता है, एक पूर्व मुख्यमंत्री जिसने परसेंटेज (कमीशन) तय किया था वह भी जेल जा सकता है.'

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इसी तरह का आरोप शुक्रवार को बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने भी लगाते हुए कहा था कि महाराष्ट्र में शराब घोटाला हुआ है और जनवरी 2022 में ठाकरे सरकार ने भी शराब घोटाला किया था. उन्होंने कहा, 'तत्कालीन सीएम उद्धव ठाकरे ने जनवरी 2022 में एक्साइज वाइन नीति में बदलाव किया. संजय राउत परिवार ने महाराष्ट्र में अशोक गर्ग मैगपाई डीएफएस प्राइवेट लिमिटेड के साथ साझेदारी की थी. हमने महाराष्ट्र के इस वाइन/शराब घोटाले का पर्दाफाश किया था..'

उद्धव पर होगा एक्शन!

इन बयानों से सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या उद्धव ठाकरे को भी ईडी की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है? भाजपा नेता उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते रहे हैं. उद्धव के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के आरोपी कई नेता एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए हैं. कुछ दिन पहले विधायक रवींद्र वायकर भी उद्धव का साथ छोड़कर शिंदे की पार्टी में शामिल हो गए थे. वैसे भी जांच एजेंसियां कई ऐसे नेताओं का पीछा कर रही हैं जो ठाकरे की पार्टी में. अनिल परब, वैभव नाइक, राजन साल्वी, संजय राउत, किशोरी पेडनेकर समेत सेना यूबीटी के कई नेताओं की जांच हो चुकी है. इन नेताओं से ईडी, इनकम टैक्स की जांच चल रही है. 

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मुंबई नगर निगम में भी हुआ था करप्शन- बीजेपी

वहीं मुंबई नगर निगम में लंबे समय तक शिवसेना सत्ता में थी और बीजेपी आरोप लगाती रही है कि इस दौरान बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ था. खासकर कोविड काल में परसेंटेज के हिसाब से पैसे लेने के भी आरोप भी लगे थे. एकनाथ शिंदे ने यह भी आरोप लगाया है कि उद्धव ठाकरे ने राज्य में साजिश, भ्रष्टाचार और कमीशन का एजेंडा लागू किया.

मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने उद्धव ठाकरे का बचाव करते हुए कहा, 'बीजेपी नेता तय कर रहे हैं कि किसे गिरफ्तार किया जाएगा. हमारा देश किस ओर जा रहा है? भारत के लोग इसे देख सकते हैं और वे तदनुसार जनादेश देंगे. हसन मुश्रीफ, छगन भुजबल, अजित पवार जैसे नेता जिन पर आरोप लग रहे थे, उन्होंने बीजेपी के साथ गठबंधन कर लिया और अब वो चैन की नींद सो रहे हैं. बीजेपी एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है. यह लोकतंत्र के लिए एक खतरनाक संकेत है.”

शराब नीति मामले में फंस सकते हैं उद्धव

 महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में महा विकास अघाड़ी एनडीए को टक्कर दे रही है. राजनीतिक हलकों में कहा जा रहा है कि उद्धव ठाकरे की पार्टी के नेताओं की गिरफ्तारी के जरिए उन पर दबाव बनाने की कोशिश की जा सकती है. सवाल यह भी उठा कि क्या इनमें से किसी मामले में एजेंसी द्वारा उद्धव का कनेक्शन स्थापित किया जाएगा. महाराष्ट्र की वाइन नीति जनवरी 2022 में महाराष्ट्र राज्य सरकार ने जारी की थी जिसमें 1000 वर्ग फुट से अधिक क्षेत्र वाले डिपार्टमेंटल और वॉक-इन स्टोर्स में वाइन की बिक्री की अनुमति दी गई थी.

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बदली थी ये पॉलिसी

तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय के एक बयान जारी करते हुए कहा था कि "शेल्फ-इन-शॉप" पद्धति उन सुपरमार्केट और वॉक-इन-स्टोर्स में लागू होगी जिनका क्षेत्रफल 100 वर्ग मीटर या उससे अधिक है और जो महाराष्ट्र दुकानें और प्रतिष्ठान अधिनियम के तहत पंजीकृत हैं. जो सुपरमार्केट वाइन बेचेंगे उन्हें वाइन बेचने के लिए ₹5,000 का शुल्क देना होगा. आदेश में यह भी कहा गया है कि जो सुपरमार्केट पूजा स्थलों या शैक्षणिक संस्थानों के करीब हैं, उन्हें शराब बेचने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

इसके अलावा, जिन जिलों में शराबबंदी लागू है, वहां शराब की बिक्री की अनुमति नहीं दी जाएगी. राज्य में तत्कालीन मौजूदा नीति के अनुसार, शराब की बोतलें केवल अनुमोदित शराब दुकानों में ही बेची जा सकती थीं.  फिर 2022 में नई नीति के तहत, राज्य सरकार ने सभी प्रकार की शराब की बोतलों पर प्रति बल्क लीटर उत्पादन पर उत्पाद शुल्क के रूप में 10 रुपये वसूले.

राउत की बेटियां शराब वितरण कंपनी में थीं पार्टनर- BJP

2022 में पात्रा चॉल मामले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने संजय राउत के एक कथित सहयोगी सुजीत पाटकर के आवास पर तलाशी ली थी. सूत्रों के मुताबिक, पाटकर एक शराब वितरण कंपनी में शिवसेना नेता संजय राउत की बेटियों के साथ अतिरिक्त निदेशक हैं. पाटकर और संजय राउत की बेटियां पूर्वाशी और विधिता मैगपाई डीएफएस प्राइवेट लिमिटेड नामक फर्म में भागीदार हैं जो शराब वितरण करती हैं.

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बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने आरोप लगाया था कि कंपनी का मुख्य कारोबार बदलकर वाइन ट्रेडिंग कर दिया गया है. कंपनी के रजिस्ट्रार के रिकॉर्ड से पता चलता है कि पाटकर और संजय राउत की बेटियों को 16 अप्रैल 2021 को फर्म में अतिरिक्त निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था.

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