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अजित पवार ने पार्टी पर कब्जे के लिए चली ये चाल, पर्दे के पीछे छगन भुजबल ने किया खेल!

अजित पवार ने आज अपने नेताओं की मीटिंग बुलाई थी. इस बैठक को अजित खेमे का शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है. इस दौरान पार्टी के नेताओं से हलफनामा लिखवाया गया कि वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सदस्य हैं. बैठक से पहले छगन भुजबल, प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, दिलीप वल्से पाटिल, हसन मुश्रीफ जैसे सभी वरिष्ठ नेताओं ने मंच के पीछे मुलाकात की.

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अजित पवार के एक फैसले से महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल आ गया है (फोटो- पीटीआई)
अजित पवार के एक फैसले से महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल आ गया है (फोटो- पीटीआई)

NCP नेता अजित पवार ने आज मुंबई में पार्टी नेताओं की मीटिंग बुलाई थी. इस बैठक में अजित के तल्ख तेवर साफ दिखाई दिए. उन्होंने शरद पवार को उम्र का हवाला देते हुए राजनीति छोड़ने को कहा.अजित पवार ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि पवार साहब आप 83 साल के हो गए हैं, आप कभी रुकेंगे या नहीं. हम सरकार चला सकते है , हम में ताकत है, फिर हमे मौका क्यों नहीं, किसी भी घर में 60 साल के बाद रिटायर होते हैं और आशीर्वाद देने का काम करते हैं, फिर आप ऐसा क्यों नहीं करते? माना जा रहा है कि शिंदे-फडणवीस सरकार में शामिल होने के बाद अजित पवार गुट द्वारा बुलाई गई बैठक सिर्फ महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के तौर पर नहीं, बल्कि अगले पार्टी प्रमुख के तौर पर शक्ति प्रदर्शन थी.

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इतना ही नहीं, इस अहम बैठक का आयोजन NCP के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल के मार्गदर्शन में बांद्रा स्थित एमईटी संस्थान के परिसर में किया गया, ये वहीं संस्था है जिसके छगन भुजबल ट्रस्टी हैं. बताया जा रहा है कि राज्यभर से आए सभी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को समायोजित करने के लिए एक विशाल टेंट के नीचे एक कॉर्पोरेट कार्यक्रम के रूप में बैठक की योजना बनाई गई. साथ ही 100 रुपये के बॉन्ड पेपर पर रजिस्ट्रेशन के लिए हर जिले के काउंटरों की व्यवस्था की गई, जिसमें हर नेता को पार्टी में उनके पद, नाम, उम्र और आधार कार्ड नंबर का विवरण देना था. हलफनामे में नेताओं ने ये भी लिखा है कि वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सदस्य हैं.

हलफनामे में अजित को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताया

सूत्रों के मुताबिक पार्टी और चुनाव चिह्न पर दावा करने के लिए जब भी जरूरत होगी, ये हलफनामे शरद पवार खेमे के खिलाफ अपनी ताकत साबित करने के लिए भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) को सौंपे जाएंगे. इस बैठक से पहले अजित पवार खेमे का समर्थन करने वाले विधायकों से हलफनामे पर हस्ताक्षर भी कराए गए, जो ECI को सौंपे गए हैं, जिसमें अजित पवार को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताया गया है.

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अजित ने हर विधायक को व्यक्तिगत रूप से बुलाया

बैठक से पहले छगन भुजबल, प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, दिलीप वलसे पाटिल, हसन मुश्रीफ जैसे सभी वरिष्ठ नेताओं ने मंच के पीछे मुलाकात की. उन्होंने अजित पवार का स्वागत किया. अजित पवार के पास उन विधायकों की लिस्ट थी, जो उनका समर्थन कर रहे हैं. इस दौरान अजित ने हर विधायक को व्यक्तिगत रूप से बुलाया, जो बैठक के लिए निर्धारित समय सुबह 11 बजे के बाद भी कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंच सके थे.

मॉनसून सत्र से पहले पूरी होंगी मांगें

इस बीच, दक्षिण मुंबई के तालुका प्रमुख गणेश आदिवेकर ने दावा किया कि जिला से लेकर तालुका स्तर तक सभी रैंक और फाइल और सभी फ्रंटल इकाइयों के पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में बैठक में शामिल हुए. विधायकों के साथ एक बैठक की गई जिसमें वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित सभी मुद्दों को उठाने का निर्देश दिया. साथ ही यह सुनिश्चित किया गया कि 17 जुलाई को होने वाले मानसून सत्र से पहले उनकी मांगें जल्द से जल्द पूरी की जाएंगी.

अजित गुट का दावा- बैठक में 34 विधायक और 4 एमएलसी शामिल हुए

बैठक के बाद एमएलसी अमोल मिटकारी ने दावा किया कि आज की बैठक में 34 विधायक और 4 एमएलसी शामिल हुए. इसके अलावा 4 से 5 विधायकों से फोन पर संपर्क किया गया, जिन्होंने अजित पवार खेमे को अपना समर्थन देने की पुष्टि की. मितकारी ने इंडिया टुडे से यह भी पुष्टि की कि लगभग 40 विधायकों की सर्वसम्मति से अजित पवार को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया है.

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