महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और एनसीपी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख ने रविवार को दावा किया कि बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इशारे पर उनके खिलाफ आरोप लगा रहे हैं, जो राजनीतिक बदला लेना चाहते हैं. सचिन वाजे ने शनिवार को देशमुख के खिलाफ रिश्वतखोरी के आरोपों को दोहराया था.
'बेमतलब की बातें कर रहे देशमुख'
अनिल देशमुख ने मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह द्वारा उन पर बार और रेस्तरां से 100 करोड़ रुपये की वसूली करने का आरोप लगाने के बाद 2021 में गृह मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. देशमुख ने फडणवीस को जस्टिस चांदीवाल आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की चुनौती दी थी और दावा किया था कि आयोग ने उन्हें क्लीन चिट दे दी है.
देशमुख के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए, फडणवीस ने कहा कि एनसीपी (एसपी) नेता 'बेमतलब की काल्पनिक बातें' कर रहे हैं. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि चांदीवाल आयोग की रिपोर्ट तब सौंपी गई थी जब महा विकास अघाड़ी की सरकार सत्ता में थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई.
जस्टिस चांदीवाल आयोग की रिपोर्ट का दिया हवाला
सचिन वाजे की ओर से रिश्वतखोरी के आरोप दोहराए जाने के एक दिन बाद अनिल देशमुख ने कहा, 'रिटायर्ड जस्टिस चांदीवाल ने मुंबई के पूर्व कमिश्नर परम बीर सिंह और बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे द्वारा मेरे खिलाफ लगाए गए आरोपों पर 11 महीने तक जांच की. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि न तो मैंने और न ही मेरे पीए ने उनसे पैसे मांगे थे और न ही उन्हें कोई पैसा दिया गया.'
'फडणवीस ने सार्वजनिक नहीं की रिपोर्ट'
देशमुख ने फडणवीस पर वाजे का इस्तेमाल करके उनके खिलाफ आरोप लगाकर 'राजनीतिक प्रतिशोध' लेने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, 'जस्टिस चांदीवाल ने दो साल पहले राज्य (महायुति) सरकार को रिपोर्ट सौंपी थी. मैंने कई बार फडणवीस को पत्र लिखकर रिपोर्ट को जनता के सामने रखने का अनुरोध किया. हालांकि रिपोर्ट को अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है और न ही विधानसभा के समक्ष रखा गया है.'
फडणवीस ने देशमुख पर पलटवार करते हुए कहा कि जब एमवीए सरकार सत्ता में थी (नवंबर 2019 से जून 2022) तो वह आयोग की रिपोर्ट पर बैठी रही और (उसके नतीजों पर) कोई कार्रवाई नहीं की. वर्तमान में नवी मुंबई की तलोजा सेंट्रल जेल में बंद सचिन वाजे ने शनिवार को देशमुख के खिलाफ रिश्वतखोरी के आरोप दोहराए थे.