केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को नागपुर हवाई अड्डे के रनवे का निरीक्षण किया. इसके बाद बड़ा बयान देते हुए उन्होंने कहा कि अगर नागपुर हवाई अड्डे के रनवे की रीकार्पेटिंग का काम एक महीने में पूरा नहीं हुआ तो अधिकारियों को निलंबित किया जाएगा.
आखिरी बार रनवे की रीकार्पेटिंग 2013-14 में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के माध्यम से की गई थी. मिहान इंडिया लिमिटेड (एमआईएल) भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के साथ नागपुर हवाई अड्डे का संचालन करता है.
एमआईएल ने कहा कि एएआई ने सूचित किया है कि परियोजना मई 2025 तक पूरी होने की उम्मीद है, बशर्ते रनवे रोजाना 8 घंटे के लिए उपलब्ध हो. नागपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले गडकरी ने कहा कि उड़ानों के पुनर्निर्धारण और टिकटों की बढ़ी हुई कीमतों के कारण लोगों को परेशानी होती है.
रीकार्पेटिंग कार्य में देरी से नाखुश हुए गडकरी
हवाई पट्टी का काम मिहान प्रबंधन द्वारा किया जाता है. गडकरी ने हवाई पट्टी का निरीक्षण करने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि एएआई ने मई 2024 में मेसर्स केजी गुप्ता को रीकार्पेटिंग कार्य के लिए निविदा आवंटित की थी. गडकरी ने कहा कि ठेकेदार और एएआई की लापरवाही के कारण रीकार्पेटिंग कार्य में देरी हुई.
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उन्होंने कहा कि चुनाव आचार संहिता के कारण कार्य में देरी के बारे में अदालत में एक हलफनामा दायर किया गया था. हालांकि, (महाराष्ट्र विधानसभा) चुनावों के कार्यक्रम को देखते हुए कार्य को समायोजित किया जाना चाहिए था.
गडकरी ने कहा कि उन्होंने रीकार्पेटिंग कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए एक समिति गठित की है. केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि एक महीने में काम पूरा नहीं होने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निलंबित करने और काम (अनुबंध) को समाप्त करने की चेतावनी दी है.
चुनाव की वजह से नहीं हो पाया काम?
वहीं एमआईएल ने एक बयान में कहा कि एएआई ने पांच महीने की देरी के बाद मार्च 2024 में मेसर्स केजी गुप्ता को कार्य आदेश जारी किया. एएआई के निविदा दस्तावेज के अनुसार कार्य अवधि 12 महीने है. एएआई ने अक्टूबर 2024 में रीकार्पेटिंग का काम शुरू कर दिया था. हालांकि, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता के कारण 9 अक्टूबर से 23 नवंबर तक काम स्थगित करना पड़ा.
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