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राम मंदिर जमीन विवाद: अयोध्या की आंधी मुंबई तक पहुंची, आमने-सामने बीजेपी-शिवसेना कार्यकर्ता

इस वजह से सेना भवन के बाहर दोनों बीजेपी और शिवसेना के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और दोनों तरफ से नारेबाजी देखने को मिली. प्रदर्शन की आड़ में कुछ जगहों पर हिंसा को भी अंजाम दिया गया.

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राम मंदिर मॉडल ( इंडिया टुडे)
राम मंदिर मॉडल ( इंडिया टुडे)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • राम मंदिर जमीन विवाद पर बीजेपी बनाम शिवसेना
  • संजय राउत के बयान के बाद बवाल

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बीच भ्रष्टाचार की आंधी ने सियासत को गरमा दिया है और सवालों के घेरे में है श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट. आरोप लग रहे हैं कि जमीन खरीदने में भ्रष्टाचार किया गया है. 2 करोड़ की जमीन को 18 करोड़ में खरीदने के आरोप लग रहे हैं. सफाई तो पेश की गई है, लेकिन इस पर बवाल शांत होता नहीं दिख रहा. अब अयोध्या का ये विवाद मायानगरी मुंबई में भी बवाल की वजह बना है. बीजेपी और शिवसेना के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए हैं.

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शिवसेना सांसद संजय राउत के तल्ख अंदाज के बाद से ही बीजेपी नेता राउत और शिवसेना पर हमलावर हैं. इस बीच अब बुधवार को बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सेना भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. अब क्योंकि शिवसेना को भी इस प्रदर्शन की जानकारी थी, ऐसे में सेना के कार्यकर्ता भी पहले से तैयार रहे.

राम मंदिर जमीन विवाद पर बीजेपी बनाम शिवसेना

इस वजह से सेना भवन के बाहर दोनों बीजेपी और शिवसेना के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और दोनों तरफ से नारेबाजी देखने को मिली. खबर तो ये भी है कि प्रदर्शन की आड़ में कुछ जगहों पर हिंसा को भी अंजाम दिया गया. इस मामले में पुलिस की तरफ से कुछ शिवसेना कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है. आरोप है कि उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं संग मारपीट की थी. राम मंदिर जमीन को लेकर हो रहे विवाद पर शिवसेना ने आक्रमक रुख अपना रखा है. संजय राउत ने कहा था कि मोहन भागवत, सीएम योगी को सच्चाई लोगों के सामने रखनी चाहिए.

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उन्होंने जोर देकर कहा था कि ये विवाद आस्था को चोट पहुंचाने वाला साबित हुआ है और शिवसेना की तरफ से भी ट्रस्ट को एक करोड़ रुपये दान दिए गए हैं. इस सब के अलावा सामना में भी इस विवाद पर विस्तार से लिखा गया और सीधे पीएम मोदी से सवाल किए गए हैं. ऐसे में इस विवाद पर राजनीति चरम पर है और एक बार फिर बीजेपी बनाम शिवसेना का खेल शुरू हो गया है.

क्लिक करें- अयोध्या के मेयर बोले- वर्षों पुराना है जमीन का अनुबंध, जिन्हें राम से दिक्कत वो लगा रहे आरोप 

ट्रस्ट ने दी थी ये सफाई

वैसे इस विवाद पर ट्रस्ट की तरफ से सफाई पेश की गई है. राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के नेता चंपत राय ने आधिकारिक पत्र जारी कर इन आरोपों का खंडन किया है.  उन्होंने कहा है कि वास्तु के अनुसार सुधार के लिए मंदिर परिसर के पूर्व और पश्चिम दिशा में यात्रा को सुलभ बनाने और मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए कुछ छोटे-बड़े मंदिर और गृहस्थों के मकान खरीदने जरूरी हैं. जिनसे मकान खरीदा जाएगा, उन्हें पुनर्वास के लिए जमीनें दी जाएंगी. 

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