मुंबई में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में क्राइम ब्रांच ने दो शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है. इनकी पहचान हरियाणा के रहने वाले गुरमैल बलजीत सिंह (23) और यूपी के बहराइच के रहने वाले धर्मराज राजेश कश्यप (19) के रूप में हुई है. जबकि तीसरा शूटर अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. उसका नाम शिवकुमार गौतम उर्फ शिवा (20) है और वो भी यूपी के बहराइच का ही रहने वाला है.
बाबा सिद्दीकी की हत्या को मुंबई पुलिस ने कॉन्टैक्ट किलिंग बताया है. अब क्राइम ब्रांच इस वारदात को अंजाम देने वाले शूटरों के मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है. जब मुंबई क्राइम ब्रांच ने यूपी पुलिस से इनकी क्रिमिनल हिस्ट्री के लिए कॉन्टैक्ट किया तो दोनों आरोपियों के खिलाफ जिले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं है. धर्मराज राजेश कश्यप और शिवकुमार गौतम उर्फ शिवा बहराइच जिले के कैसरगंज थाना क्षेत्र के गंडारा कस्बे के रहने वाले हैं. हालांकि हरियाणा के रहने वाले गुरमैल बलजीत के खिलाफ हत्या का एक मुकदमा पहले से दर्ज है.
आरोपी गुरमैल के माता पिता की मौत हो चुकी है, लेकिन उसकी दादी फूली देवी ज़िंदा हैं और एक उसका एक सौतेला छोटा भाई उसकी दादी के साथ रहता है. 2019 वें गुरमैल ने अपने सगे बड़े भाई की बर्फ वाला सुआ मारकर उसकी हत्या कर दी थी.
जानकारी मिली है कि धर्मराज कश्यप और शिवकुमार उर्फ शिवा गौतम मजदूरी करने के लिए पुणे आए थे. शिवा करीब 5-6 सालो से पुणे में एक स्क्रैप व्यापारी के यहां काम करता था. शिवा ने कुछ महीनों पहले धर्मराज को भी पुणे काम के लिए बुलाया था. सुपारी देने वाले व्यक्ति ने शिवा और धर्मराज से गुरमैल की मुलाकात कराई थी. हालांकि क्राइम ब्रांच इस बात का पता लगा रही है कि ये दोनों पुणे से मुंबई कैसे पहुंचे.
12 अक्टूबर की रात को बाबा सिद्दीकी का मर्डर
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 12 अक्टूबर 2024 को रात 9:15 से 9:30 बजे के बीच, जब बाबा सिद्दीकी अपने कार्यालय से निकलकर बांद्रा (पश्चिम), मुंबई स्थित अपने आवास की ओर जा रहे थे. तभी तीन व्यक्तियों ने उन पर गोलियां चलाईं. बाबा सिद्दीकी को तुरंत इलाज के लिए बांद्रा (पश्चिम) के लीलावती अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस मामले में निरमल नगर पुलिस स्टेशन में अपराध संख्या 589/2024 के तहत मामला दर्ज किया गया है. भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 109, 125 और 3(5), साथ ही आर्म्स एक्ट की धारा 3, 25, 5 और 27 और महाराष्ट्र पुलिस एक्ट की धारा 37 और 137 के तहत मामला दर्ज किया गया है.