बदलापुर के स्कूल में दो मासूम बच्ची के साथ हुए अत्याचार के आरोपी अक्षय शिंदे के एनकाउंटर के बाद उसके शव को दफनाने के लिए हर शहर में विरोध हो रहा है. इसके बाद मुंबई हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि सोमवार तक आरोपी का शव दफनाया जाए. आखिरकार आरोपी अक्षय शिंदे के शव को लोगों के विरोध रहते कड़ी सुरक्षा के बीच परिजनों के सामने दफनाया गया.
शव दफनाने के लिए हर शहर में हो रहा था विरोध
बता दें कि बदलापुर के एक स्कूल में दो मासूम बच्चियों के साथ अत्याचार करने की घटना जुलाई माह में घटी थी, उसके बाद घटना के विरोध में नागरिकों ने बदलापुर रेलवे स्टेशन पर रेल रोको आंदोलन किया. पूरे केस को एसआईटी की अधिकारी आरती सिंह की टीम जांच कर रही थी. दो अलग अलग केस में 500 पन्नो का चार्जशीट कल्याण कोर्ट में दाखिल किया गया था. उसके बाद 23 सितंबर शाम को अक्षय का पुलिस ने ठाणे के मुंब्रा बायपास में एनकाउंटर कर दिया. जिसके बाद से आरोपी अक्षय शिंदे के शव दफनाने के लिए हर शहर में विरोध हो रहा था. आखिरकार आरोपी अक्षय शिंदे को भारी विरोध के बाद कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच दफनाया गया.
कैसा रहा दिन भर का घटनाक्रम?
कोर्ट के आदेश के बाद रविवार को उल्हासनगर के शांति नगर श्मशान भूमि में दफनाने के लिए पुलिस ने सुबह ही गड्ढा खुदवाया था, लेकिन शिवसेना-बीजेपी के पदाधिकारियों ने इसका विरोध जताया. इसके बाद स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में जमा हो गए. नागरिकों ने खासकर महिलाओं ने शव दफनाने के लिए खोदे गए गड्ढे को भर दिया.
स्थानी लोगों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि हम इस दरिंदे के शव को उल्हासनगर की शमशान भूमि में दफनाने नहीं देंगे. नागरिकों की बढ़ती संख्या और उनके विरोध को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने बड़ी संख्या में पुलिस कर्मचारियों को बुलाया और तीन गाड़ियों में भरकर दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया. इसके बाद से स्थानीय लोग आक्रामक हो गए. पूरे शमशान भूमि को बाहर से बंद कर दिया गया, श्मशान भूमि से सभी को बाहर निकालने के बाद गेट बन्द कर दिया गया. कुछ स्थानीय लोग रास्ता रोकने का प्रयास कर रहे थे, लोगों का कहना था कि बदलापुर निवासी अक्षय शिंदे को उल्हासनगर की पवित्र भूमि पर दफनाना अनुचित है. इसके बाद पुलिस ने सभी को यहां से खदेड़ने का काम किया.
पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था श्मशान
उल्हासनगर की शांति नगर श्मशान भूमि का पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था, पत्रकारों को भी श्मशान भूमि से बाहर निकाला गया. इसके बाद फिर से जेसीबी मशीन मंगवा कर शव दफनाने के लिए गड्ढे की खुदाई की गई. उसके बाद आरोपी अक्षय शिंदे के शव को कलवा हॉस्पिटल से उल्हासनगर की शांति नगर शमशान भूमि में लाया गया, उस समय उल्हासनगर के बीजेपी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया, बीजेपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया है. अक्षय शिंदे के शव को उसके परिजनों की निगरानी में दफनाया गया.
इस मामले में एडिशनल सीपी संजय जाधव ने बताया कि हाई कोर्ट ने जो हमको आदेश दिया था, उसके बाद आरोपी अक्षय शिंदे के माता पिता ने जो अर्जी दी थी, उस हिसाब से हमने आज अंतिम विधि कर दिया है.