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गोमांस पर पाबंदी से बढ़ी धारावी के चमड़ा व्‍यापारियों की मुसीबत

मुंबई के धारावी में स्थित मशहूर लैदर मार्केट अब अपना आकर्षण खोती जा रही है. महंगे होते चमड़े और ग्राहकों की कमी से जूझ रहे यहां के व्‍यापारियों की मुसीबत गोमांस पर लगी पाबंदी ने और बढ़ा दी है.

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महाराष्‍ट्र में गोमांस पर पाबंदी लग चुकी है
महाराष्‍ट्र में गोमांस पर पाबंदी लग चुकी है

मुंबई के धारावी में स्थित मशहूर लैदर मार्केट अब अपना आकर्षण खोती जा रही है. महंगे होते चमड़े और ग्राहकों की कमी से जूझ रहे यहां के व्‍यापारियों की मुसीबत गोमांस पर लगी पाबंदी ने और बढ़ा दी है.

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'इंडियन एक्‍सप्रेस' की खबर के मुताबिक, महाराष्‍ट्र में गोमांस पर पाबंदी लगने के बाद यहां चमड़े के दाम और ज्‍यादा बढ़ गए हैं. गोमांस डीलर्स एसोसिएशन के मुखिया मोहम्‍मद अली कुरैशी ने बताया, 'कोलकाता और चेन्‍नई की चमड़ा फैक्ट्रियों में जानवरों की खाल सप्‍लाई करने में महाराष्‍ट्र सबसे आगे है. देवनार का बूचड़खाना मुंबई में रोजाना सिर्फ 450 जानवरों की खाल ही सप्‍लाई कर पा रहा है, इनमें से भी ज्‍यादा भैंस की खाल होती है. पहले खाल 1500 रुपये प्रति पीस के हिसाब से खरीदी जाती थी, लेकिन पाबंदी के बाद हमें कम से कम 2 हजार रुपये प्रति पीस की दर पर खाल खरीदनी पड़ेगी.

एक स्‍थानीय चमड़ा व्‍यापारी ने बताया कि 2012 में चमड़ा 45 रुपय प्रति फुट की पर खरीदा जा रहा था, लेकिन पिछले कुछ महीनों में इसकी कीमत 100 रुपये प्रति फुट तक पहुंच चुकी है. इस कीमत पर चमड़ा खरीदकर उसकी चीजें बेचना लगभग असंभव है. फिलहाल स्‍थानीय चमड़ा निर्माता 80 रुपए प्रति फुट की दर से चमड़ा खरीदने पर मजबूर हैं.

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चमड़े की बढ़ती कीमत के चलते कई दुकानदार ग्राहकों को नकली या मिलावटी चमड़े की चीजें बेच रहे हैं. एक दुकानदार ने बताया कि धारावी के चमड़े की जगह चीन का सिंथेटिक मटीरियल लेता जा रहा है.

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