महाराष्ट्र के अकोला जिले में उर्दू स्कूलों में हो रहे भ्रष्टाचार और शोषण का बड़ा मामला सामने आया है. महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने जिले के सरकारी अनुदानित उर्दू स्कूलों का निरीक्षण किया, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए. विशेष रूप से पातुर तहसील के अलहाज सलीम जकरिया उर्दू वरिष्ठ प्राथमिक स्कूल की महिला शिक्षिकाओं ने स्कूल संचालक पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इनमें यौन शोषण, मानसिक प्रताड़ना, मारपीट और वेतन कटौती जैसे मामले शामिल हैं.
महिला शिक्षिकाओं के गंभीर आरोप
शिक्षिकाओं नाज बानो, शाहेदा बानो और शमीम अख्तर ने आरोप लगाया कि स्कूल संचालक सय्यद कमरोद्दीन उनके साथ शारीरिक, मानसिक और यौन उत्पीड़न करता था. शिक्षिकाओं ने कहा कि संचालक शिक्षकों के वेतन का 50% हिस्सा जबरन वसूलता था. विरोध करने पर मारपीट और धमकियां दी जाती थीं. महिला शिक्षिकाओं को अश्लील टिप्पणियों और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता था.
ये भी पढ़ें- बदलापुर में बवाल के बीच अकोला में शर्मनाक कांड... छात्राओं को टीचर दिखाता था अश्लील वीडियो
पीड़ित शिक्षिकाओं की आपबीती
नाज बानो (शिक्षिका) ने बताया कि संचालक मानसिक प्रताड़ना देता है. वेतन का आधा हिस्सा मांगता है और विरोध करने पर हिंसा करता है. शाहेदा बानो (शिक्षिका) ने बताया, महिला कर्मचारी सुरक्षित नहीं हैं, हमें अश्लील टिप्पणियों और धमकियों का सामना करना पड़ता है. वहीं, शमीम अख्तर (शिक्षिका) ने बताया, यह सब बहुत दिनों से चल रहा है, लेकिन अब हमें न्याय चाहिए.
अल्पसंख्यक आयोग की कार्रवाई
प्यारे खान ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अकोला पुलिस को तत्काल एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं. साथ ही उन्होंने पूरे राज्य में उर्दू स्कूलों में भ्रष्टाचार और शोषण के खिलाफ बड़ी जांच अभियान चलाने की चेतावनी दी है. प्यारे खान ने कहा, उर्दू स्कूलों के नाम पर सरकार को हजारों करोड़ का चूना लगाया जा रहा है. इस पूरे घोटाले की जांच होगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
स्कूल संचालक का बचाव – राजनीतिक साजिश का आरोप
स्कूल संचालक सय्यद कमरोद्दीन ने इन आरोपों को पूरी तरह नकारते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। उनका कहना है कि मैं कांग्रेस के प्रचार में सक्रिय था, इसलिए मेरी स्कूलों को निशाना बनाया जा रहा है. मेरी स्कूलों के बारे में झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं. यह सब मेरे खिलाफ राजनीतिक साजिश है. वहीं, अल्पसंख्यक आयोग के निर्देशों के बाद अकोला पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.
पुलिस अधीक्षक बच्चन सिंह ने बताया कि हम इस मामले की गहराई से जांच करेंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे. वहीं, प्यारे खान ने दावा किया है कि राज्य के कई उर्दू स्कूलों में सरकारी अनुदान का गलत इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है. उर्दू स्कूलों के नाम पर हजारों करोड़ का गोरखधंधा चल रहा है, जिसे उजागर किया जाएगा.