महाराष्ट्र में विपक्ष यानी भारतीय जनता पार्टी ने कल महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे की चाय पार्टी के बहिष्कार का निर्णय लिया है. सीएम उद्धव ठाकरे ने शीतकालीन सत्र के पहले सभी पार्टियों को चाय पार्टी के लिए आमंत्रित किया है.
सत्र से जुड़े सवालों को लेकर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता देवेन्द्र फडणवीस ने प्रेस कांफ्रेंस की, जिसमें उन्होंने कहा 'सत्र कल से शुरू होगा और उसके अगले दिन समाप्त हो जाएगा. इसका मतलब ये है कि यह सत्र सिर्फ एक दिन के लिए है. पूरा सत्र बिना किसी काम के ही ख़त्म हो जाएगा. इसके अलावा हमने सत्र को नागपुर में आयोजित करने की मांग रखी थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
फडणवीस ने महाराष्ट्र सरकार पर आरोप लगाते हुए आगे कहा 'ये स्पष्ट है कि सरकार विपक्ष के सवालों और सदन में चर्चा करने से भागना चाहती है. इतिहास में ऐसा पहली बार होगा. यह सरकार सवालों और चर्चाओं से डरती है. इन्होंने राजनीतिक समारोहों का आयोजन किया, वह सब ठीक है लेकिन कोई सत्र नहीं. हमने कम से कम दो सप्ताह के सत्र की मांग की थी. सीएम उद्धव ठाकरे ने हमें चाय के लिए बुलाया था, लेकिन हम नहीं जा रहे हैं. हम सीएम उद्धव ठाकरे की चाय पार्टी का बहिष्कार करते हैं.'
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फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में चक्रवात के कारण किसानों का बहुत अधिक नुकसान हुआ है. किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है. कोरोना वायरस के कारण भी महाराष्ट्र में सबसे अधिक जानें गईं हैं. महाराष्ट्र में मृत्यु दर भी सबसे अधिक है. जब पूरे देश में मामले कम हो रहे हैं, तब भी महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा मौतें हो रही हैं. वास्तव में हमें कोरोना वायरस के लिए सरकार द्वारा किए गए कार्यों का' पंचनामा' करना चाहिए. मुझे समझ नहीं आ रहा है कि सीएम अभी भी इस तरह के काम के लिए अपनी पीठ क्यों थपथपा रहे हैं.
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उन्होंने कहा कि विधायक प्रताप सरनाईक पर पाकिस्तान से होने वाली फंडिंग के लगे आरोप बेहद गंभीर हैं. मैं ईडी का प्रवक्ता नहीं हूूं. हम सरकार नहीं गिराना चाहते, हालांकि एक न एक दिन सरकार खुद ही गिरने वाली है. सच तो ये भी है कि वे अपने खिलाफ उठने वाली हर आवाज को पुलिस का दुरुपयोग करके दबा रहे हैं. आज राज्य में अघोषित आपातकाल लागू है. महाराष्ट्र में अभी हालत ऐसी है कि आप सरकार के खिलाफ कुछ कहेंगे तो आप सलाखों के पीछे होंगे.