महाराष्ट्र का चंद्रपुर बाघों के लिए मशहूर है, ताडोबा टाइगर रिजर्व में दुर्लभ काले हिरण देखे गए. बताया जा रहा है कि देश के कुछ ही इलाकों में यह हिरण पाए जाते हैं. प्रोफेसर सुरेश चोपने ने बताया कि जिले में लगभग 150 के आसपास ही काले हिरण होने की संभावना है. लेकिन असुरक्षित इलाकों में पाए जाने से उनकी सुरक्षा की चिंता बढ़ गई है.
पर्यावरण और वन्यजीव विशेषज्ञ सुरेश चोपने ने वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार, मुख्य वन संरक्षक तथा राज्य के वन सचिव को पत्र लिखकर दुर्लभ काले हिरण की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि जंगलों और खेतों के मैदानी इलाकों में रहने वाले काले हिरण के लिए रेहेकुरी ब्लैकबक अभयारण्य की तर्ज पर चंद्रपुर जिले में भी कंजर्वेशन, संरक्षण रिजर्व घोषित किया जाए.
काले हिरण की संख्या 150-200 तक होने की आशंका
10 साल पहले तक यहां कोई भी काला हिरण नहीं थे. लेकिन भद्रावती, कोरपना और चंद्रपुर तहसील में काले हिरण देखे गए थे. ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि इन हिरणों की संख्या 150-200 के आसपास होनी चाहिए.
काले हिरण की सुरक्षा को लेकर वन मंत्री को लिखा पत्र
भारतीय उपमहाद्वीप में पाई जाने वाली दुर्लभ प्रजाति के काले हिरण राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में पाए जाते हैं. काला हिरण वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम-1972 की अनुसूची-1 में शामिल है. रेड डेटा बुक में इसे विलुप्तप्राय जीवों की श्रेणी में दर्ज किया गया है.