फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मामले में जांच करने मुंबई पहुंचे बिहार पुलिस के अफसर को क्वारनटीन में भेज दिया गया है. इस पर काफी विवाद हो रहा है, जिसपर अब बीएमसी की ओर से सफाई दी गई है. BMC का कहना है कि उन्होंने पटना सिटी एसपी विनय तिवारी को केंद्र सरकार की गाइडलाइन्स के तहत ही क्वारनटीन किया है, क्योंकि उन्हें लंबे वक्त तक मुंबई में रुकना है.
इस पूरे विवाद पर BMC की ओर से सफाई में जो तर्क दिए गए हैं, वो इस प्रकार हैं...
• विनय तिवारी के मुताबिक, वो मुंबई में सात दिन से अधिक वक्त के लिए रुकेंगे. इसलिए केंद्र सरकार की गाइडलाइन्स के द्वारा एयरपोर्ट पर उन्हें क्वारनटीन का स्टांप लगाया गया.
• विनय तिवारी की ओर से स्टांप लगवाने से इनकार किया गया, उन्होंने बीएमसी अधिकारियों को बताया कि वो एक IPS अफसर हैं.
• बीएमसी के मुताबिक, शाम तक इस मामले में एक शिकायत असिस्टेंट म्युन्सिपल कमिश्नर के सामने की गई. जिसके बाद AMC रात को SRPF के गेस्ट हाउस पहुंचे, जहां पर विनय तिवारी रुके हुए थे.
सुशांत केस की जांच के लिए मुंबई पहुंचे पटना SP को BMC ने किया क्वारनटीन
• बीएमसी के AMC ने पटना सिटी एसपी से वो कागज मांगे, जिसमें उन्हें क्वारनटीन से अलग रहने की इजाजत दी गई हो.
• बीएमसी की ओर से कहा गया कि वो चाहें तो बीएमसी को इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं. तब उनका एंटीजन टेस्ट होगा और उसके बाद बीएमसी उन्हें क्वारनटीन के स्टांप से मुक्त कर सकती है. क्योंकि वो आधिकारिक काम के लिए आए हैं.
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आपको बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस की जांच बिहार और मुंबई पुलिस कर रही है. बिहार पुलिस की टीम मुंबई में है और अब इस जांच की अगुवाई करने के लिए बिहार से आईपीएस विनय तिवारी मुंबई पहुंचे थे. लेकिन उनके पहुंचने के बाद ही विवाद शुरू हो गया.
बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे, कई नेताओं की ओर से इस मामले में मुंबई पुलिस पर निशाना साधा गया. इस मामले की जांच को लेकर कई मुद्दों पर बिहार और मुंबई पुलिस आमने-सामने है, आरोप लग रहा है कि मुंबई पुलिस जांच में सहयोग नहीं कर रही है.