बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को कोल्हापुर सेंट्रल जेल में बंद एक व्यक्ति की याचिका पर जवाब देने का निर्देश दिया है. इस याचिका में 2019 की अधिसूचना को रद्द करने की मांग की गई है, जिसमें निर्देश दिया गया था कि जेलों में उपलब्ध पैसे देकर फोन करने की सुविधाओं का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों, नक्सलवाद या गैंगस्टर्स में शामिल लोगों द्वारा नहीं किया जा सकता.
6 हफ्ते के अंदर देना होगा जवाब
न्यायमूर्ति अजय गडकरी और न्यायमूर्ति श्याम चांडक की खंडपीठ ने शुक्रवार को राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले अतिरिक्त लोक अभियोजक वीबी कोंडे देशमुख को 6 हफ्ते के अंदर 'शॉर्ट जवाब' दाखिल करने का निर्देश दिया है. अब अदालत में इस मामले की सुनवाई फरवरी 2024 में होगी.
जेल में बंद हैं 400 से ज्यादा कैदी
कोल्हापुर की सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे अपराधी सलीम अब्दुल रजाक बेग ने जेल से अदालत को एक पत्र लिखा था और पिछली सुनवाई के दौरान, वकील जान्हवी कार्णिक को कानूनी सहायता पैनल से उनके वकील के रूप में नियुक्त किया गया था.
अब शुक्रवार को कार्णिक ने अदालत में इस मुद्दे को उठाया कि कोल्हापुर जेल में 400 से अधिक कैदी हैं जो जिले के बाहर से हैं और इस प्रकार अपने परिजनों और वकीलों से बात करने के लिए पैसे देकर फोन सुविधाओं पर निर्भर हैं, लेकिन ये सुविधा कुछ चुनिंदा लोगों के लिए नहीं है.
अधिवक्ता ने बताया कि अब्दुल अपने परिजनों से बात करने की सुविधा मिली हुई है. लेकिन उसने अन्य कैदियों के लिए इस मुद्दे उठाया है. सभी फोन कॉल रिकॉर्ड किए जाते हैं और पुलिस यह सुनिश्चित करती है कि जब भी किसी कैदी द्वारा कॉल की जाती है तो सुरक्षा में कोई सेंध न लगे, लेकिन इस बावजूद भी उनको कॉल करने की इजाजत नहीं है. ये दोहरा रवैया है.
आजीवन कारावास की सजा काट रहा है अब्दुल
सलीम अब्दुल रजाक बेग ने 1998 में मुंबई में अंडरवर्ल्ड डॉन अरुण गवली के राइट हेंड कहे जाने वाले सुधाकर लोन की हत्या मामले में अदालत ने दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. जिसके बाद से वह पिछले 22 सालों से जेल में बंद है.
जेल में बंद कैदियों को मिलती है कॉल करने की सुविधा
आपको बता दें कि जेल में बंद कैदियों को अपने परिवार के लोगों और वकीलों से पे फोन सुविधा पर बात करने के लिए महीने में दो बार 10 मिनट दिए जाते हैं, जबकि जेल में बंद विदेशी नागरिकों को महीने में दो बार 15 मिनट की वीडियो कॉल पर अपने परिजनों से बात करने की सुविधा मिलती है.