महाराष्ट्र (Maharashtra) के बारामती में टीपू सुल्तान की जयंती पर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM को रैली निकालने की अनुमति नहीं दी गई. इसके बाद इस मुद्दे को लेकर पार्टी ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए सूबे की सरकार से पूछा, "क्या देश में टीपू सुल्तान की जयंती पर रैली आयोजित करने पर प्रतिबंध है?"
महाराष्ट्र सरकार ने अपने जवाब में कहा कि टीपू सुल्तान की जयंती मनाने पर कोई प्रतिबंध नहीं.
कोर्ट में क्या-क्या हुआ?
एडिशनल पब्लिक प्रॉजिक्यूटर क्रांति हिरवाले ने राज्य सरकार की तरफ से दलील देते हुए कहा, "पुलिस कह रही है कि रैली आयोजित करने से समस्या पैदा हो सकती है क्योंकि दूसरे समुदाय ने कहा है कि वे इसका विरोध करेंगे"
AIMIM से जुड़े याचिकाकर्ता की तरफ से पेश हुए वकील तपन थट्टे और विवेक अरोटे ने अपनी दलील में कहा कि इस देश के संविधान में रानी लक्ष्मीबाई और टीपू सुल्तान की तस्वीर है.
जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस शिवकुमार डिगे की बेंच ने कहा कि क्या इस देश में टीपू सुल्तान की जयंती पर रैली निकालने पर प्रतिबंध है? कानून व्यवस्था पुलिस का काम है. आप रूट बदल सकते हैं.
सरकारी वकील ने जवाब दिया, "नहीं, कोई प्रतिबंध नहीं है लेकिन दूसरे समुदाय ने विरोध किया है और पिछले साल इसी मुद्दे पर हमने परेशानी देखी थी."
हाई कोर्ट ने बारामती के पुलिस अधीक्षक को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दोपहर 1 बजे पेश होने के लिए बुलाएं.