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औरंगाबाद, उस्मानाबाद का नाम बदलने का मामला बॉम्बे HC पहुंचा, कोर्ट ने कहा- क्या नियमों का पालन हुआ

महाराष्ट्र कैबिनेट ने पिछले साल औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजी नगर और उस्मानाबाद का नाम बदलकर धाराशिव करने का फैसला किया था. इन नामों को बदलने के लिए 16 जुलाई 2022 को कैबिनेट ने प्रस्ताव पारित किया गया था और इन्हें केंद्र सरकार को फॉरवर्ड कर दिया था. 

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बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्हे हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया है कि क्या औरंगाबाद और उस्मानाबाद शहरों के नाम बदलने के कैबिनेट के फैसले पर आपत्ति जताई गई थी. हाईकोर्ट ने नाम बदलने के कैबिनेट के फैसले पर तत्काल कोई रोक लगाने के याचिकाकर्ताओं की मांग स्वीकार करने से इनकार कर दिया है. 

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कार्यवाहक चीफ जस्टिस एसवी गंगापुरवाला और जस्टिस संदीप मार्ने की पीठ ने राज्य सरकार से यह भी बताने को कहा कि क्या प्रशासन शहर का नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी किए बिना नए नामों का इस्तेमाल कर सकता है.

बता दें कि महाराष्ट्र कैबिनेट ने पिछले साल औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजी नगर और उस्मानाबाद का नाम बदलकर धाराशिव करने का फैसला किया था. इन नामों को बदलने के लिए 16 जुलाई 2022 को कैबिनेट ने प्रस्ताव पारित किया गया था और इन्हें केंद्र सरकार को फॉरवर्ड कर दिया था. 

सुनवाई के दौरान पीठ ने केंद्र सरकार की पैरवी कर रहे वकील से कहा कि क्या शहरों का नाम बदलने पर कोई आपत्ति जताई गई थी. इस पर वकील ने कहा कि हमें सिर्फ प्रस्ताव मिला था.

पीठ ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि केंद्र सरकार अभी भी इस पर आपत्ति का स्वागत करती है और नामों को बदलने की प्रक्रिया पूरी किए बगैर उन्होंने अदालत का रुख किया है.

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