केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 409 करोड़ रुपये बैंक धोखाधड़ी मामले में राष्ट्रीय समाज पक्ष (आरएसपी) के विधायक रत्नाकर गुट्टे के खिलाफ मामला दर्ज किया है. गुट्टे के अलावा उनके बेटों, परिवार के अन्य सदस्यों और गंगाखेड शुगर मिल के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ है.
इसके अलावा गुट्टे के संबंधियों इसके अलावा महाराष्ट्र में उनके परिसरों पर छापेमारी भी की गई. गट्टे 2019 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में आरएसपी के टिकट पर गंगाखेड सीट से जीत दर्ज की थी. सीबीआई के मुताबिक, वह गंगाखेड शुगर एंड एनर्जी के डायरेक्टर्स में से एक हैं.
सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि गंगाखेड शुगर एंड एनर्जी लिमिटेड ने 2008 से 2015 के बीच यूको बैंक की अगुवाई में कई बैंकों के कंशोर्सियम से कृषि ऋण के नाम पर करोड़ों रुपये का कर्ज लिया था.
सीबीआई ने नागपुर और परभणी में हाल ही में उनके और दो अन्य आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी. आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. ईडी ने गुट्टे और कंपनी के खिलाफ कथित धनशोधन के मामले में पिछले साल दिसंबर में चार्जशीट दाखिल की गई थी.
रत्नाकर गुट्टे पर आरोप है कि उन्होंने पांच बैंकों से ऐसे हजारों किसानों के नाम पर ऋण लिया, जिन्हें पता भी नहीं था कि उनके नाम पर कोई ऋण लिया गया है. ये सभी किसान रत्नाकर गुट्टे द्वारा चलाए जा रहे शक्कर कारखाने गंगाखेड़ शुगर एंड एनर्जी प्रा. लि. के सदस्य हैं. इस घोटाले का खुलासा तब हुआ, जब एक किसान यूको बैंक में फसली ऋण का आवेदन करने गया. उसे बताया गया कि उसके नाम पर नागपुर के आंध्रा बैंक की एक शाखा में पहले से एक ऋण लिया जा चुका है.
ईडी ने बयान जारी कर बताया है कि GSEPL ने अपने लिए आंध्र बैंक, यूको बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, सिंडिकेट बैंक, रत्नाकर बैंक से 8-10 किसानों के नाम पर कृषि लोन लिया.