मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्न संजय पांडे पर जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता दिख रहा है. एक ही दिन में उनसे दो अलग-अलग मामलों में केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूछताछ की है.
सीबीआई ने पांडे से महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख से जुड़े 100 करोड़ की वसूली के मामले में सवाल-जवाब किए तो वहीं ईडी ने एनएसई कंपनी लोकेशन घोटाले से जुड़े केस में पूछताछ की है. सोमवार को पहले CBI ने पांडे से पूछताछ की. सवाल-जवाब पूरे होते ही ED वाले उन्हें अपने साथ ईडी दफ्तर ले गए. देर शाम तक उनसे पूछताछ चली. ईडी ने पांडे को कल फिर बुलाया है. सोमवार को सीबीआई ने मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह से भी पूछताछ की.
इस्तीफ देकर बनाई थी IT ऑडिट फर्म
संजय पांडे ने 2001 में पुलिस सेवा से इस्तीफा दिया था. उसके बाद उन्होंने एक आईटी ऑडिट फर्म बनाई थी, फिर जब उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया तो वे पुलिस सेवा में वापस आ गए और उन्होंने फर्म में अपने बेटे और मां को निदेशक बना दिया. 2010 और 2015 के बीच Isec Services Pvt Ltd नाम की फर्म को NSE सर्वर और सिस्टम का कॉन्ट्रेक्ट दिया गया. इसी मामले को लेकर पहले इसमें सीबीआई ने जांच की थी और अब ईडी जांच कर कर रही है.
महाराष्ट्र के DGP का था प्रभार
रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी संजय पांडे मुंबई पुलिस कमिश्नर से पहले महाराष्ट्र राज्य सुरक्षा निगम के प्रबंध निदेशक का पद संभाल रहे थे. अप्रैल 2021 में उद्धव ठाकरे सरकार ने उन्हें महाराष्ट्र के डीजीपी का प्रभार दिया था. हालांकि आईपीएस रजनीश सेठ को महाराष्ट्र के डीजीपी नियुक्त किए जाने के बाद उनसे प्रभार वापस ले लिया गया था. 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी मुंबई पुलिस के 76वें पुलिस कमिश्नर थे. उन्होंने आईपीएस हेमंत नगरले से कमिश्नर पद का दायित्व लिया था. पांडे हाल ही में 30 जून को ही रिटायर हुए हैं.
परमबीर ने लगाया था देशमुख पर आरोप
महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख पर परमबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि देशमुख ने गृहमंत्री रहते 100 करोड़ रुपये की वसूली की थी. उन्हें जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में पिछले साल नवंबर में गिरफ्तार किया गया था. तब ये भी आरोप लगा था कि सचिन वाजे के जरिए देशमुख ने मुंबई के कई बार से करीब 4.70 करोड़ रुपये इकट्ठा किए थे. ऐसे में उन पर अपने पद का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगा था.