केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने महाराष्ट्र के मंत्री और भाजपा नेता गिरीश महाजन (BJP Leader Girish Mahajan) सहित 28 अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. सभी पर आईसीपी और महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत धाराएं लगाई गई हैं. सीबीआई ने साल 2020 से जुड़े मामले में अपहरण, जबरन वसूली, चोरी सहित अन्य आरोपों में केस दर्ज किया है.
दिसंबर 2020 में विजय पाटिल नाम के व्यक्ति ने महाजन सहित अन्य लोगों के खिलाफ पुणे के कोथरूड पुलिस थाने में केस दर्ज कराया था. पाटिल ने अपनी शिकायत में धमकाने और इस्तीफा देने को मजबूर किए जाने की बात कही थी.
विजय का कहना था कि साल 2018 से लेकर 2020 के बीच महाजन सहित अन्य लोगों ने उन्हें जिले के मराठा विद्या प्रसारक सहकारी समाज संस्था के निदेशक पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया था.
जानकारी के लिए बता दें कि जिला मराठा विद्याप्रसारक सहकारी समाज जो जलगांव जिले में विभिन्न कॉलेजों और संस्थानों को चलाने वाला सहकारी शैक्षणिक संगठन है. संगठन की कुल संपत्ति लगभग 1,000 करोड़ रुपये है.
अगवा करके की गई थी मारपीट
रिपोर्ट में पाटिल ने पुलिस को बताया था कि 2018 में पुणे जाने के दौरान उन्हें पुणे के सदाशिव पेठ इलाके के एक फ्लैट में ले जाया गया. वहां उनके साथ मारपीट की गई. महाजन सहित दूसरे लोगों के आदेशों को मानने की धमकी दी गई थी.
साथ ही यह भी कहा गया था कि आदेश नहीं मानने पर उसके खिलाफ झूठे मामले दर्ज कराए जाएंगे. ये सभी जिला मराठा विद्याप्रसारक सहकारी समाज पर नियंत्रण हासिल करने की फिराक में थे.
जांच सीबाआई को सौंपी गई थी
कोथरुड पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई शिकायत की जिम्मेदारी जनवरी 2021 में महाराष्ट्र सरकार ने सीबाआई को सौंपी थी. जांच के बाद 19 सिंतबर को सीबीआई ने गिरीश महाजन सहित शिकायतकर्ता द्वारा आरोपी के रूप में नामित 29 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी.