महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक युवक पर आसमानी बिजली गिर गई, जिससे युवक की दर्दनाक मौत हो गई. इस घटना का लाइव वीडियो सामने आया है. जानकारी होने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जायजा लिया. बताया जा रहा है कि युवक कोयले की खदान में जब काम कर रहा था, उसी समय यह घटना हो गई.
जानकारी के अनुसार, मृतक मजदूर का नाम बाबूधन कुमार यादव है. वह चंद्रपुर जिले में स्थित कोयले की खदान में अस्थायी तौर पर काम कर रहा था. बताया जा रहा है कि वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड की भद्रावती तहसील में स्थित माजरी कोयला खदान में काम चल रहा था, उसी दौरान बुधवार की दोपहर जोरदार बारिश होने लगी. इस दौरान बिजली भी कड़कने लगी. बाबूधन उस समय खदान में काम पर था.
यहां देखें वीडियो
इसी बीच जोरदार आवाज के साथ आकाशीय बिजली बाबूधन के ऊपर गिर गई. बिजली की चपेट में आने से युवक की दर्दनाक मौत हो गई. इस घटना का रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो सीसीटीवी में कैद हो गया है. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जायजा लिया. मृतक मजदूर बिहार का रहने वाला है. पुलिस ने उसके परिवार को घटना की सूचना दे दी है.
हर साल बिजली गिरने से होती हैं हजारों मौतें
हर साल बिजली गिरने से देश के कुछ राज्यों में हजारों लोगों की मौत हो जाती है. NDMA की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में हर साल बिजली गिरने से औसत 2500 लोगों की मौत होती है. 1967 से 2012 तक जितनी भी प्राकृतिक आपदाएं भारत में आईं, उनसे मरने वालों में 39 फीसदी लोग बिजली गिरने से मारे गए. सबसे ज्यादा बिजली गिरने की घटनाएं महाराष्ट्र, झारखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में देखी गई हैं.
ज्यादातर आकाशीय बिजली मार्च से जून के महीने में गिरती है, लेकिन यह स्थानीय मौसम और जमीन की चार्जिंग पर भी निर्भर करता है कि बिजली कितनी और कब तक गिरेगी.
बिजली से बचने के लिए अपनाएं ये तरीके
आसमानी बिजली से बचने के लिए कभी भी खेतों, पेड़ों, तालाब आदि के पास नहीं जाना चाहिए, क्योंकि इनके आसपास आशंका ज्यादा होती है. अगर घर के अंदर हैं और बाहर बिजली कड़क रही है तो बिजली से संचालित उपकरणों से दूर रहें. तार वाले टेलिफोन का उपयोग न करें. खिड़कियां व दरवाजे बंद कर दें.
अपने घर में हैं तो छत पर जाने से बचें
अपने घर की छत पर न जाएं. कोई भी ऐसी वस्तु के आसपास न रहें, जो बिजली का सुचालक हो. यानी आकाशीय बिजली को अपनी ओर खींचता हो. धातु के पाइप, नल, फव्वारा आदि से दूर रहें. अगर घर से बाहर हैं तो कभी भी बिजली कड़कते समय पेड़ों के नीचे न खड़े हों. बेहतर होगा किसी कम ऊंचाई वाली इमारत में पनाह लें. मजबूत छत वाली गाड़ी में रहें. बाहर मौजूद धातु से बनी किसी वस्तु के आसपास न खड़े हों. बाइक, बिजली या टेलिफोन के खंभों, तार या मशीन के आसपास न रहें.
सिर के बाल खड़े हो जाएं तो समझ लें बिजली की चपेट में आ सकते हैं
लोगों को समझ में ये नहीं आता कि उन्हें बिजली अपनी चपेट मैं कैसे लेगी. इसका आसान सा तरीका है. जब भी ऐसे मौसम में बाहर या घर के अंदर हों और सिर के बाल खड़े हो जाएं, त्वचा में झुनझुनी हो तो समझ जाइए कि बिजली की चपेट में आ सकते हैं. इसलिए तत्काल झुककर दोनों हाथों से अपने कान बंद कर अपने पंजों के बल बैठ जाएं. घुटने के ऊपर कुहनी होनी चाहिए.
कोई घायल हो तो उसे तुरंत देना चाहिए सीपीआर
अगर कोई बिजली गिरने की वजह से घायल है तो उसे तुरंत सीपीआर देना चाहिए. कृत्रिम सांस देनी चाहिए. कोशिश करनी चाहिए कि उसे तत्काल प्राथमिक इलाज मिले और नजदीकी अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया जाए. ये बात ध्यान रखनी चाहिए कि बिजली हमेशा धरती पर मौजूद सबसे ऊंची वस्तु से टकराती है. इसलिए कभी भी ऐसे मौसम में ऊंची इमारत, पेड़ या खंभे के नीचे न खड़े हों.