मुंबई पुलिस ने गुजरात से दो साइबर ठग को गिरफ्तार किया है. ये लोग ऑनलाइन नौकरी और काम देने की पेशकश करके कथित तौर पर धोखाधड़ी करते थे. पुलिस का कहना है कि आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खातों में तीन महीने में 60 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन दिखाया गया है. पुलिस ने इन खातों में 1.1 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं.
पुलिस के मुताबिक, वीरमाता जीजाबाई टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (VJTI) के छात्रावास में रहने वाले 19 साल के छात्र ने शिकायत दर्ज कराई कि उसे अज्ञात लोगों ने ठगी की है. आरोपी व्हाट्सएप के माध्यम से उससे संपर्क किया और उसे ऑनलाइन काम करने की पेशकश की. इसके बदले अच्छी रकम दी जाएगी. फिर उसे टेलीग्राम के एक चैनल में जोड़ा गया.
छात्र 2.45 लाख रुपये गंवा दिए
फिर ठगों ने उन्हें बेहतर रिटर्न का वादा करते हुए अलग-अलग खातों में पैसे जमा करने के लिए कहा. छात्र ने पुलिस को आगे बताया कि इससे पहले कि उसे पता चलता कि यह एक ठगी है, उसने इस तरह 2.45 लाख रुपये गंवा दिए.
गांधीनगर से दो आरोपी गिरफ्तार
इसके बाद माटुंगा पुलिस ने उन बैंक खातों से अपराधियों का पता लगाया, जिसमें पैसे जमा किए गए थे. फिर बुधवार को गुजरात के गांधीनगर से 33 साल के रूपेश ठक्कर और 34 साल के पंकज भाई ओड को गिरफ्तार किया.
पुलिस ने आरोपी से बरामद की ये सामान
पुलिस ने आरोपियों के पास से 33 डेबिट/क्रेडिट कार्ड, विभिन्न बैंकों की 32 चेक बुक, छह मोबाइल फोन और 28 सिम कार्ड भी बरामद किए है. आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया. फिलहाल, मामले में आगे की जांच की जा रही है.