महाराष्ट्र सरकार गठन पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने निशाना साधा है. दिग्विजय सिंह ने कहा कि महाराष्ट्र में संविधान का मजाक उड़ाया गया है. शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस को अपनी ताकत जमीन पर दिखाकर सड़कों पर उतरना चाहिए.
शिव सेना NCP और कॉंग्रेस को अपनी ताक़त ज़मीन पर दिखा कर सड़कों पर उतरना चाहिये। देखते हैं मुंबई और महाराष्ट्र की जनता किस के साथ है? तीनों पार्टियों के लिये यह अस्तित्व का सवाल है। विशेष कर उद्धव और ठाकरे परिवार के लिये यह प्रतिष्ठा का प्रश्न है।
— digvijaya singh (@digvijaya_28) November 23, 2019
दिग्विजय सिंह ने कहा, देखते हैं मुंबई और महाराष्ट्र की जनता किसके साथ है. तीनों पार्टियों के लिए यह अस्तित्व का सवाल है. विशेष कर उद्धव और ठाकरे परिवार के लिए प्रतिष्ठा का सवाल है. उन्होंने कहा, उद्धव ठाकरे से अपील है कि शिवसेना सड़कों पर उतरे, कांग्रेस उनका पूरा साथ देगी. एनसीपी का कोई विधायक बीजेपी के साथ नहीं है, सिर्फ अजित पवार उनके साथ गए हैं.
वहीं शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने शनिवार को कहा कि एनसीपी नेता अजित पवार ने महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए भाजपा से हाथ मिला कर शिवसेना की पीठ में छुरा घोंपा है. उन्होंने पत्रकारों से यह भी कहा कि राज्य अजित पवार को उनके इस कृत्य के लिए कभी माफ नहीं करेगा.
संजय राउत ने कहा, ‘अजित पवार ने शिवसेना की पीठ में छुरा घोंपा है. सरकार बनाने के लिए भाजपा से हाथ मिलाना विश्वासघात है. अजित पवार के फैसले में एनसीपी प्रमुख शरद पवार की मंजूरी नहीं है.’